जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की एक महत्वाकांक्षी योजना अटक गई है। इस साल के बजट में उनकी सरकार ने ऐलान किया था कि दिल्ली की हर वयस्क महिला को हर महीने एक हजार रुपए दिए जाएंगे। इसका केजरीवाल ने ऐसा अभूतपूर्व प्रचार किया था, जिसकी मिसाल नहीं है। वैसे उनकी सरकार इस तरह की योजना पंजाब में भी चला रही है। लेकिन जब दिल्ली में इसकी घोषणा हुई तो केजरीवाल ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए प्रचार किया। जब ईडी ने उनको गिरफ्तार किया और वे जेल गए तब भी उन्होंने दिल्ली की महिलाओं को आश्वस्त किया कि यह योजना चालू होगी। लेकिन ऐसा लग नहीं रहा है कि यह योजना चालू होने वाली है।
हालांकि दिल्ली सरकार की वित्त मंत्री आतिशी हैं और उन्होंने ही बजट में इसकी घोषणा की लेकिन इसे लागू करने के लिए इसकी रिपोर्ट नहीं बनी है। इसकी योजना बनेगी और उसे कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी जाएगी और तब उसे उप राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। मुश्किल यह है कि मुख्यमंत्री जेल में हैं तो कैबिनेट की बैठक कैसे होगी? बिना कैबिनेट बैठक के इतनी बड़ी योजना की तैयारी, राजस्व की व्यवस्था और इसे लागू करने का फैसला नहीं हो सकता है। ऊपर से उप राज्यपाल की मंजूरी का अलग संकट है। पिछले दिनों उप राज्यपाल ने एमसीडी चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति इस नाम पर नहीं की थी कि मुख्यमंत्री मौजूद नहीं हैं। सो, इतनी बड़ी योजना को वे मुख्यमंत्री की गैरहाजिरी में मंजूरी नहीं दे सकते हैं। तभी ऐसा लग रहा है कि यह योजना अभी अटकी रहेगी।
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