अभी तक पटना में लालू प्रसाद के परिवार का एक ही ठिकाना होता है। 1990 में जब लालू प्रसाद मुख्यमंत्री बने उससे पहले ठिकाना उनके भाई के छोटा सा आवास था, जो वेटनरी कॉलेज में था। उसके बाद मुख्यमंत्री बने तो एक, अणे मार्ग ता पता रहा और मुख्यमंत्री पद गया तो 10, सरकुलर रोड का पता बना। उप मुख्यमंत्री के नाते उनके बेटे तेजस्वी यादव को दूसरा बंगला भी मिला या बड़े बेटे तेज प्रताप को भी दूसरा बंगला मिला, अभी नेता प्रतिपक्ष के नाते भी तेजस्वी को अलग बंगला मिला था लेकिन पूरे परिवार का पता एक ही था और वह था 10, सरकुलर रोड का। लेकिन अब वह लालू परिवार का पता नहीं रहा। अब पूरा परिवार कई जगह बिखर गया। इसका राजनीतिक नुकसान भी होगा।
सरकार ने 10, सरकुलर रोड वापस लेने के बाद 39, हार्डिंग रोड का बंगला दिया। लेकिन लालू प्रसाद और राबड़ी देवी अभी कौटिल्य नगर के अपने निजी मकान में शिफ्ट हुए हैं। तेजस्वी यादव एक, पोलो रोड बंगले में रह रहे हैं। तेज प्रताप यादव को भी अलग बंगला मिला हुआ है। तभी अब कहा जा रहा है कि पूरा परिवार एक जगह न रहेगा और न इकट्ठा होगा। इससे दूरी बढ़ेगी। एक दूसरी समस्या यह है कि 10, सरकुलर रोड का बंगला राजद का सत्ता केंद्र पिछले तीन दशक से था। लालू प्रसाद और राबड़ी देवी से पहले साधु यादव उसमें रहते थे। इस नाते पूरे प्रदेश के राजद समर्थक उस बंगले को जानते थे और कहीं से भी कोई आता था तो वहां पहुंच जाता था। अब राजद नेताओं, कार्यकर्ताओं को अलग अलग बंगलों के चक्कर काटने होंगे और इससे उनको भी परेशान होगी।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



