bihar politics

  • बिहार के शिक्षा सुधार बिल का विरोध

    केंद्र सरकार उच्च शिक्षा में बदलाव के लिए विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक लाई है, जिस पर संसदीय समिति विचार कर रही है। इस समिति की रिपोर्ट अभी टल गई है। लेकिन उधर बिहार में ऐसे ही उच्च शिक्षा के लिए लाए जा रहे बिल का विरोध शुरू हो गया है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा को भी दो हिस्सों में बांटना चाहती है। इसके लिए एक बिल तैयार किया गया है, जिसमें डिग्री कॉलेजों को सीधे उच्च शिक्षा विभाग के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। इससे ऊपर के यानी पीजी और रिसर्च वगैरह से जुड़े संस्थानों को अलग किया...

  • राजद के सांसद भी क्या टूटेंगे?

    भाजपा के जानकार नेताओं का कहना है कि कई छोटी पार्टिय़ों से बात हो रही है। उनका तो खैर दावा यह भी है कि कांग्रेस में भी फूट पड़ सकती है। लेकिन उस दावे को छोड़ें तब भी यह सवाल है कि क्या बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल टूट सकती है? क्या उसके चार सांसद में से तीन पाला बदल सकते हैं? असल में यह चर्चा इसलिए शुरू हुई क्योंकि लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव ने लोकसभा चुनाव के बाद जिसको संसदीय दल का नेता बनाया वह कुशवाहा समाज के हैं। राजद ने औरंगाबाद से जीते अभय...

  • क्या नितिन नबीन हो गए थे नाराज?

    यह सवाल पटना से लेकर दिल्ली तक इसलिए पूछा जा रहा है क्योंकि बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भाजपा ने उम्मीदवार बदल कर जिस नए उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया उसको बधाई देने में नितिन नबीन को 22 घंटे लग गए। इससे पहले पार्टी ने अभिषेक सिन्हा उर्फ बंटी को उम्मीदवार बनाया था। उनके नाम की घोषणा होते ही नितिन नबीन ने उनको बधाई दी। लेकिन विवाद की वजह से जब अभिषेक की टिकट कटी तो उनकी जगह नीरज कुमार सिन्हा के नाम का ऐलान किया गया। नीरज सिन्हा के नाम की घोषणा शुक्रवार को शाम चार...

  • राहुल बिहार जाने को लेकर सीरियस नहीं थे

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की बिहार यात्रा स्थगित हो गई है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि आगे किसी समय राहुल गांधी बिहार आएंगे। ध्यान रहे नीट यूजी के पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने और सीबीएसई की 12वीं की बोर्ड परीक्षा में ऑनस्क्रीन मार्किंग के कारण जो लाखों छात्र और परिवार परेशान हुए थे उसके बाद राहुल गांधी की चार राज्यों में यात्रा का कार्यक्रम बना था। वे 17 जून को राजस्थान के कोटा गए। उसके बाद उनको 10 जुलाई को प्रयागराज और 11 जुलाई को पटना जाना था। उसके बाद दिल्ली में उनका छात्रों से...

  • लालू परिवार के कई ठिकाने हो गए

    अभी तक पटना में लालू प्रसाद के परिवार का एक ही ठिकाना होता है। 1990 में जब लालू प्रसाद मुख्यमंत्री बने उससे पहले ठिकाना उनके भाई के छोटा सा आवास था, जो वेटनरी कॉलेज में था। उसके बाद मुख्यमंत्री बने तो एक, अणे मार्ग ता पता रहा और मुख्यमंत्री पद गया तो 10, सरकुलर रोड का पता बना। उप मुख्यमंत्री के नाते उनके बेटे तेजस्वी यादव को दूसरा बंगला भी मिला या बड़े बेटे तेज प्रताप को भी दूसरा बंगला मिला, अभी नेता प्रतिपक्ष के नाते भी तेजस्वी को अलग बंगला मिला था लेकिन पूरे परिवार का पता एक ही...

  • राबड़ी ने सरकार को आईना दिखाया

    बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने 10, सरकुलर रोड का बंगला खाली कर दिया है। सोमवार, 29 जून तक सरकार ने बंगला खाली करने को कहा था। उन्होंने ज्यादातर सामान शिफ्ट कर दिया है और बाकी चीजें हटाने के लिए पांच जुलाई तक का समय मांगा है। साथ ही सरकार से इन्वेंट्री लिस्ट मांगी है। उन्होंने भवन निर्माण विभाग से कहा है कि वह बताए कि जिस समय राबड़ी देवी को बंगला दिया गया था उस समय बंगले में क्या क्या लगा हुआ था। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि उनके बंगला...

  • बिहार पर ध्यान देना होगा राहुल को

    बिहार कांग्रेस में बगावत शुरू हो गई है। कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने प्रभारी कृष्णा अल्लावरू के खिलाफ मोर्चा खोला है। अखिलेख सिंह ने कहा है कि अराजनीतिक लोगों को प्रभारी बनाया गया, जिनकी वजह से पार्टी को विधानसभा चुनाव में नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से ठीक पहले उनको अध्यक्ष पद से हटाया गया इसका भी नुकसान पार्टी को हुआ। अखिलेश सिंह ने कहा है कि अगर वे प्रदेश अध्यक्ष रहते तो कांग्रेस सिर्फ पांच सीट पर नहीं सिमटती। अखिलेश ने कहा कि उन्होंने अध्यक्ष रहते चार सांसद जिताए...

  • बिहार में बड़ी बातों का समय

    बिहार में भाजपा की सरकार बने दो महीने होने जा रहे हैं। उससे पहले नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार थी। अब भी एनडीए की ही सरकार है लेकिन जनता दल यू के नेताओं की चर्चा कहीं सुनाई नहीं दे रही है। अब सिर्फ भाजपा की चर्चा है। भाजपा के मुख्यमंत्री और मंत्री ही काम करते, बयान देते, उद्घाटन, शिलान्यास करते दिखाई देते हैं। जनता दल यू के मंत्रियों की तो निगेटिव खबरें ही आ रही हैं। एक खबर है कि उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने अपने चुनाव क्षेत्र में एक एक्सप्रेस वे के दायरे में आ रही...

  • पहली चुनौती में ही जदयू ढेर

    नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद बिहार में जनता दल यू के सामने पहली चुनौती बक्सर भोजपुर विधान परिषद सीट की थी। स्थानीय निकायों के चुने हुए प्रतिनिधियों के वोट से एमएलसी चुना जाना था। सीट खाली हुई थी जनता दल यू के राधाचरण सेठ के इस्तीफे की वजह से। राधाचरण सेठ पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में कांटे की टक्कर में संदेश सीट से जीत गए थे। उसके बाद बक्सर भोजपुर सीट पर उपचुनाव हो रहा था। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यू की ओर से राधाचरण सेठ के बेटे कन्हैया प्रसाद को टिकट दिया...

  • बिहार में कांग्रेस की मुश्किल

    बिहार में कांग्रेस पार्टी के छह विधायक जीते थे। चुनाव नतीजों के कुछ दिन बाद राहुल गांधी ने सभी विधायकों को दिल्ली बुला कर एक बैठक की थी और कहा गया था कि जल्दी ही विधायक दल का नेता चुना जाएगा। लेकिन पांच महीने बाद भी कांग्रेस ने विधायक दल का नेता नहीं चुना है। जानकार सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेता चुनेगी भी नहीं क्योंकि कांग्रेस के दिल्ली में बैठे नेताओं को पता है कि उसका विधायक दल ही नहीं रहने वाला है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस के सभी छह विधायक पाला बदल सकते हैं। इसलिए...

  • बिहार को प्रयोगशाला बना दिया

    बिहार राजनीति की प्रयोगशाला बना हुआ है। पांच महीने पहले नीतीश कुमार 80 फीसदी से ज्यादा सीटें जीत कर एनडीए के मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन उनको अभी हटाना है क्योंकि उनकी सेहत ठीक नहीं है। हालांकि यह कहा नहीं गया कि सेहत खराब होने और वह भी मानसिक सेहत की वजह से उनको हटाया जा रहा है। कहा गया कि वे राज्यसभा जाना चाहते थे इसलिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। देश के किसी व्यक्ति ने इस बताए गए कारण पर यकीन नहीं किया। उन्होंने राज्यसभा का नामांकन दाखिल किया और चुन भी लिए गए। जब वे एक साथ दो...

  • बिहार में निशांत की मान मनौव्वल

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत का नाटक खत्म ही नहीं हो रहा है। जब से नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने और दिल्ली जाने की चर्चा शुरू हुई तभी से इस बात की भी चर्चा हो रही है कि निशांत राजनीति में आने या कोई पद संभालने को तैयार नहीं हैं। बड़ी मुश्किल से उनको पार्टी में शामिल कराया गया। इसके बाद उनकी यात्रा का कार्यक्रम बना। कहा गया कि वे भाजपा के नेतृत्व में बनने वाली सरकार में उप मुख्यमंत्री बनेंगे। यह सब कुछ तय हो जाने की खबर आने के बाद कभी यह चर्चा शुरू...

  • नीतीश कब छोड़ेंगे सीएम की कुर्सी?

    यह सस्पेंस खत्म नहीं हो रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कब  इस्तीफा देंगे। उनको दो इस्तीफे देने हैं। पहला तो विधान परिषद से और दूसरा मुख्यमंत्री पद से। गौरतलब है कि नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुन लिए गए और पहले से विधान परिषद के सदस्य हैं। सो, 16 मार्च से 14 दिन के अंदर उनको किसी एक सदन से इस्तीफा देना है। उनके राज्यसभा के लिए चुने जाने के 10 दिन हो गए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी उनके साथ ही राज्यसभा के लिए चुने गए थे। वे पहले से...

  • बिहार में कांग्रेस और राजद की चिंता

    राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के मुस्लिम विधायक फैसल रहमान ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि उनकी मां की तबियत खराब थी, जिसकी वजह से वे दिल्ली में थे। हालांकि राजद उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह के लिए चुनाव प्रबंधन संभाल रहे फैसल अली ने कहा कि फैसल रहमान 15 मार्च की रात तक पटना में थे लेकिन 16 मार्च की सुबह वोट डालने नहीं गए। कहा जा रहा है कि किसी पुराने मर्डर केस की वजह से उनकी नस दबी हुई थी। इसी तरह कांग्रेस के तीन विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। गौरतलब है कि...

  • नीतीश के हाथ में अब कुछ भी नहीं

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पार्टी के विधायकों, सांसदों की बैठक बुलाई तो उसमें कहा कि सब कुछ पहले जैसा ही रहेगा और वे दिल्ली से पार्टी के कामकाज पर नजर रखेंगे। उनसे ज्यादा उनके साथ वाले नेताओं ने भरोसा दिलाने की कोशिश की। लेकिन हकीकत यह है कि नीतीश कुमार के हाथ में अब कुछ भी नहीं है। उनको मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए भाजपा ने पिछले 12 साल से जो अभियान चला रहा था उसमें कामयाब होने के बाद भाजपा ने यह भी सुनिश्चित किया है कि नीतीश की मोलभाव की क्षमता को भी...

  • नीतीश के उत्तराधिकार की योजना तैयार है

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 75 साल के हो गए हैं। उनकी सेहत की जो स्थिति है वह उम्र की वजह से दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। उसमें सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। इसलिए उनकी पार्टी भी और साथ साथ भाजपा भी उनके उत्तराधिकार की योजना पर काम कर रही है। जानकार सूत्रों का कहना है कि इस बार राज्यसभा चुनाव के बीच ही नीतीश कुमार के उत्तराधिकार की योजना पर गंभीरता से काम हुई। तभी उनके बेटे निशांत कुमार को राजनीति में लाकर राज्यसभा भेजने की योजना पर बात हुई। अगर वे राज्यसभा जाते हैं तो...

  • बिहार में भाजपा का एजेंडा चल रहा है

    बिहार में भले नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं और जनता दल यू गठबंधन का नेतृत्व करने वाली पार्टी है लेकिन सरकार में सिर्फ भाजपा का एजेंडा चल रहा है। जनता दल यू की ओर से कोई नेता ऐसा नहीं है, जो इसका विरोध कर सके। ऐसी बातें हो रही हैं, जैसी बिहार में कभी नहीं हुईं। यहां तक कि भाजपा के नेता भी पहले जो बातें कहने की हिम्मत नहीं करते थे वैसी बातें कही जा रही हैं। जाहिर है कि भाजपा के नेता अब सरकार को अपनी मानने लगे हैं और उनको पता है कि नीतीश कुमार को कोई सुध...

  • निशांत को लाने के पीछे बड़ी राजनीति

    नीतीश कुमार क्यों अपने बेटे को राजनीति में लाने से हिचक रहे हैं? सरस्वती पूजा के दिन 23 जनवरी को सबने देखा कि उनकी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह नीतीश को मना रहे थे कि वे बेटे को राजनीति में आने दें। नीतीश की हिचक का एक कारण तो यह है कि वे अपने को कर्पूरी ठाकुर का शिष्य मानते हैं और उनके मन में यह बात बैठी है कि अपने सक्रिय रहते बेटे को राजनीति में नहीं लाना है। तभी माना जा रहा है कि पार्टी का जो खेमा निशांत की...

  • बिहार कांग्रेस के प्रभारी और अध्यक्ष से नाराजगी

    जिस समय भारतीय जनता पार्टी का संगठन पर्व चल रहा था यानी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हो रहा था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन को कुर्सी पर बैठाया, उनके पीछे खड़े हुए और उससे पहले कहा कि नितिन नबीन उनके भी बॉस हैं और पूरी पार्टी नितिन नबीन के नाम के नारे लगा रही थी। उसी समय राहुल गांधी द्वारा नियुक्त किए गए बिहार के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू पटना पहुंचे। पटना हवाईअड्डे पर उनको रिसीव करने के लिए सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम पहुंचे थे। राजेश राम के साथ भी कोई व्यक्ति नहीं था। कांग्रेस का एक भी...

  • भाजपा, जदयू में शह मात का खेल

    बिहार में भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यू के बीच शह मात का खेल चल रहा है। भाजपा इंतजार में बैठी है कि नीतीश कुमार सेहत के हवाले रिटायर हों तो भाजपा का सीएम बने और दूसरी ओर नीतीश कुमार कड़ाके की ठंड में समृद्धि यात्रा पर निकल गए। वे पूरे प्रदेश की यात्रा करेंगे। भाजपा का इंतजार लंबा होता जा रहा है। इस बीच जनता दल यू के नेताओं ने अपने विधायकों की संख्या बढ़ा कर सबसे बड़ी पार्टी बनने का दांव खेलने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि भाजपा नेता इस गेम से परिचित हैं इसलिए...

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