bihar politics

  • लालू यादव ने नीतीश की ताकत बढ़ाई

    बिहार में लालू प्रसाद और नीतीश कुमार क्या अंदरखाने कोई खेल रच रहे हैं? पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है लेकिन भाजपा के नेता आशंकित हैं। उनको लग रहा है कि कोई खिचड़ी पक रही है। असल में बिहार में 15 और 16 फरवरी के घटनाक्रम के बाद भाजपा के नेता सावधान हुए हैं। 15 फरवरी को राज्यसभा के लिए नामांकन के आखिरी दिन लालू प्रसाद अपने दोनों उम्मीदवारों के नामांकन के लिए विधानसभा पहुंचे तो उसी समय नीतीश कुमार विधानसभा से निकल रहे थे। यह संयोग कतई नहीं था कि सीढ़ियों पर दोनों की मुलाकात हुई।...

  • भाजपा भी बढ़ा रही है दबाव

    एक तरफ नीतीश कुमार और लालू प्रसाद ने नजदीकी दिखा कर भाजपा को संदेश दिया तो दूसरी ओर भाजपा ने नीतीश पर दबाव डाल कर लालू परिवार से दूरी बढ़वाने का प्रयास किया है। नीतीश कुमार की सरकार ने लालू प्रसाद के बेटे और पिछली सरकार के उप मुख्यमंत्री सहित तीन मंत्रियों के पिछले एक साल के कामकाज की समीक्षा कराने का ऐलान किया है। गौरतलब है कि तेजस्वी यादव के पास सड़क परिवहन के साथ साथ स्वास्थ्य और शहर विकास जैसे बड़े मंत्रालय थे। नीतीश सरकार ने इन तीनों विभागों में पिछले साल एक अप्रैल से किए गए फैसलों...

  • Bihar Floor Test: बिहार में तेजी से बदल रहा नंबरगेम, शक्ति परीक्षण की घड़ी, क्या नीतीश कुमार के पक्ष में होगा नतीजा?

    Bihar Floor Test : पिछले कुछ समय से बिहार की राजनीति (Bihar politics) में एक नया शब्द ‘खेला’ ट्रेंड में हैं. बिहार की राजनीति में आज का दिन किसी भूकंप से कम साबित नहीं दिख रहा. आज बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट (Bihar Floor Test) होना है ऐसे में खबर है कि जदयू (JDU) के तीन विधायक मीटिंग में नहीं पहुंचे हैं. जबसे नीतिश कुमार (Nitish Kumar) ने महागठबंधन का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का दामन थामा है. तभी से बिहार में नंबरगेम की राजनीति शुरु हो गई है और ‘खेला’ शब्द...

  • बिहार में बहुमत का सस्पेंस बढ़ा

    बिहार में नीतीश कुमार की सरकार को 12 फरवरी को बहुमत साबित करना है। उससे पहले वे दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री से मुलाकात की। सरकार में शामिल चार विधायकों वाली पार्टी के नेता जीतन राम मांझी भी दिल्ली पहुंचे हैं। वे प्रधानमंत्री और भाजपा के बड़े नेताओं से मिल कर इस बात की शिकायत करने वाले हैं कि उनके बेटे संतोष सुमन को छोटा मंत्रालय दिया गया है। हालांकि खबर है कि कांग्रेस के एक बड़े नेता से दिल्ली में उनकी मुलाकात होनी है। अगर उनके चार विधायक साथ छोड़ देंगे तो सरकार का बहुमत सिर्फ दो विधायकों का रह...

  • नीतीश अपनी पकड़ नहीं छोड़ेंगे

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • इस बार प्रहसन में!

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • महागठबंधन में सीट बंटवारा आसान हो गया

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • भाजपा के लिए क्यों जरूरी हो गए नीतीश

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • विश्वास मत पर टकराव के आसार

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • भाजपा नेता और सहयोगी भी चिंतित

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • जोड़-तोड़ में लगे राजद नेता

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • बिहार में गठबंधन टूट के करीब

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • भारत रत्न से बदलेगी बिहार की राजनीति

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • नीतीश की दुविधा खत्म नहीं हो रही

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • राजद के बहाने भाजपा को नीतीश का मैसेज

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • भाजपा, राजद नहीं चाहते विधानसभा चुनाव

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • बिहार के एनडीए सहयोगी बेचैन हो रहे हैं

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • दो लाख रुपए देने का नीतीश का चुनावी जुमला

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • मोदी की बिहार यात्रा पर नजर

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

  • राजद और जदयू में सब ठीक नहीं

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले भाजपा के साथ समझौता कर लिया है और यह माना जा रहा है कि वे बहुत कमजोर हो गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि वे बिहार की राजनीति पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ रहे हैं। इसका एक संकेत विभागों के बंटवारे में दिखा। उन्होंने गृह और सामान्य प्रशासन का विभाग अपने पास रखा। ध्यान रहे बिहार की नौकरशाही नीतीश की बड़ी ताकत है। वे अपने हिसाब से अधिकारियों की पोस्टिंग करते हैं और उनसे काम कराते हैं। मंत्रियों का ज्यादा मतलब नहीं होता है। तभी कहा जा रहा था कि इस बार...

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