भारत दशकों से विकासशील देश है। पता नहीं सारे नेता कैसे विकास करते हैं कि देश विकसित ही नहीं हो रहा है। आजादी के बाद से ही उभरता हुआ देश है लेकिन आज तक उभर नहीं पाया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि यह नहीं बताया गया है कि भारत विकसित होगा तो असल में क्या क्या होगा? फिर भी सब विकसित भारत बनाने की होड़ में शामिल हैं। इसके बीच दिल्ली के उप राज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने ऐसी बात कहीं, जिससे विकसित भारत बनने के लक्ष्य पर सवाल खड़ा हो गया। उन्होंने स्वाधीनता दिवस के अवसर पर अपने भाषण में कहा कि सबको मिल कर विकसित दिल्ली बनानी है।
अब सोचें, अभी तक दिल्ली ही विकसित नहीं है। उप राज्यपाल के मुताबिक दिल्ली को विकसित बनाना है। सवाल है कि जब दिल्ली विकसित नहीं है तो निश्चित रूप से विकसित भारत का पैमाना बहुत ऊंचा होगा? दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय साढ़े पांच लाख रुपए सालाना है, जो भारत की राष्ट्रीय औसत आय से ढाई गुना है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसकी रैंकिंग तीसरी है। यहां हर घर बिजली का कनेक्शन है, पानी की आपूर्ति है, शौचालय है, सड़कें अच्छी हैं और स्कूल व स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा भी बाकी देश के मुकाबले बहुत अच्छा है। लेकिन उप राज्यपाल कह रहे हैं कि विकसित दिल्ली बनानी है। असल में उन्हें कुछ कहना था और आज कल पूरे देश में विकसित भारत का जुमला बोलने की भेड़चाल चल रही है तो उन्होंने भी विकसित दिल्ली बनाने का संकल्प कर लिया।
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