आमतौर पर एसआरके का मतलब शाहरूख खान होता है। भारतीय मीडिया में और फिल्मों की चर्चाओं में शाहरूक को एसआरके कह कर ही संबोधित किया जाता है। लेकिन हरियाणा की राजनीति में एसआरके का दूसरा मतलब होता है। इसका मतलब है- शैलजा, रणदीप और किरण। बताया जा रहा है कुमारी शैलजा, रणदीप सुरजेवाला और किरण चौधरी ने एक तिकड़ी बनाई है, जिसको एसआरके कहा जा रहा है। जब के कांग्रेस आलाकमान ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा को हरियाणा की एकछत्र कमान सौंपी है तब से एक दूसरे से दूरी रखने वाले दूसरे नेता एक साथ आ गए हैं।
हरियाणा के एसआरके एकजुट होकर हर मामले में हुड्डा और उनके समर्थकों को रोकने के प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि हुड्डा ने अपने करीबी नेता उदयभान को प्रदेश अध्यक्ष बनवाया है लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी उदयभान अपनी कमेटी नहीं बना पाए हैं। अभी तक प्रदेश पदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं हुई है। पिछले दिनों संगठन बनाने के लिए बैठक हुई तो हुड्डा की मौजूदगी में एसआरके समर्थकों ने नारेबाजी की। इससे पहले प्रदेश के प्रभारी दीपक बाबरिया के सामने भी दोनों गुटों के नेता नारेबाजी कर चुके हैं। ध्यान रहे शैलजा छत्तीसगढ़ की और रणदीप मध्य प्रदेश के प्रभारी हैं। सो, दोनों पर आलाकमान का भी भरोसा है। तभी कहा जा रहा है कि जब संगठन बनवाने में हुड्डा को इतनी मेहनत करनी पड़ रही है तो टिकट बंटवारा और भी मुश्किल होगा।
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