Maharashtra politics Nitesh Rane: शिव सेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने नारायण राणे को मुख्यमंत्री बनाया था। महाराष्ट्र में भाजपा और शिव सेना की पहली सरकार का मुख्यमंत्री पहले मनोहर जोशी को बनाया था।
लेकिन बाद में उनको हटा कर नारायण राणे को सीएम बनाया। लेकिन नारायण राणे ने अपनी महत्वाकांक्षा में न सिर्फ शिव सेना छोड़ी, बल्कि कांग्रेस में गए और शिव सेना के खिलाफ खूब बयानबाजी की।
इस तरह वे कांग्रेस की सरकार में राज्य में मंत्री बन गए। फिर जब केंद्र में भाजपा आई तो वे भाजपा में चले गए।
अपने पूरे राजनीतिक करियर में जिस तरह की घटिया बयानबाजी वे करते रहे हैं उसी तरह के बयान उनके बेटे नीतेश राणे दे रहे हैं।
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इस तरह की बयानबाजियों के दम पर उनके समर्थकों का कहना है कि वे आधुनिक बाल ठाकरे बन सकते हैं। बाल ठाकरे ने अपनी राजनीति तमिलों के खिलाफ शुरू की, फिर पूर्वांचली के खिलाफ रहे और अंत में मुसलमानों के खिलाफ राजनीति की। लेकिन कभी इस तरह के स्तरहीन बयान नहीं दिए, जैसे नीतेश राणे दे रहे हैं।
हैरानी है कि वे राज्य सरकार में मंत्री हैं और संविधान की शपथ ली है। उन्होंने इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम की नई परिभाषा बताई है ‘एवरी वोट अगेंस्ट मुल्ला’! सोचें, क्या किसी सभ्य समाज में इस तरह के बयान की इजाजत हो सकती है?
इससे पहले उन्होंने ‘गॉड्स ओन कंट्री’ कहे जाने वाले केरल को मिनी पाकिस्तान कहा था, जिसका केरल सरकार और स्थानीय लोगों ने विरोध किया था।
भाजपा अगर नीतेश राणे को रोकती नहीं है तो वे महाराष्ट्र के साथ साथ देश का भी बड़ा नुकसान करेंगे।
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Image Source: ANI


