उद्धव ने कांग्रेस, एनसीपी को मुश्किल में डाला

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भले कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिल कर सरकार चला रहे हैं लेकिन वे अपनी राजनीति नहीं छोड़ते हैं। वे अपने को कट्टर हिंदुवादी साबित करने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देते हैं।

राज्यपाल कोश्यारी का नया मोर्चा

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी लगातार कुछ न कुछ ऐसा करते रहते हैं, जिसकी वजह से उनके और राज्य सरकार के बीच तनाव बना रहता है। कोश्यारी ने महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए भेजे गए 12 नामों की सूची को नौ महीने से लटका रखा है।

कांग्रेस क्या एनसीपी से अलग होगी?

Congress NCP : महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले इन दिनों जो बयान दे रहे हैं उनसे कांग्रेस के नेता भी हैरान परेशान हैं। उनके बयान पार्टी की लाइन के मुताबिक नहीं हैं। वे अपनी निजी महत्वाकांक्षा में बयान दे रहे हैं। नाना पटोले बार बार कह रहे हैं कि अगले चुनाव में कांग्रेस अकेले लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन में पहले धोखा हुआ है। अगर उनकी इस बात को गंभीरता से लिया जाए तो इसका मतलब है कि कांग्रेस अगला चुनाव एनसीपी के बिना लड़ेगी। ध्यान रहे कांग्रेस और एनसीपी 1999 से एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं। बीच में सिर्फ एक बार 2019 का विधानसभा चुनाव दोनों पार्टियों ने अलग लड़ा था। उसके नतीजे से कांग्रेस को अंदाजा हो जाना चाहिए था कि उसकी क्या हैसियत है। चारकोणीय मुकाबले में कांग्रेस चौथे स्थान पर रही थी। Read also: गलतियों से कब सीखेगी कांग्रेस? दूसरे, अगले लोकसभा चुनाव में तो कांग्रेस बड़ा गठबंधन बना कर लड़ने की तैयारी कर रही है ऐसे में अपने सबसे पुराने सहयोगी को पार्टी कैसे छोड़ सकती है। कांग्रेस के नेता मान रहे हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एनसीपी के साथ तालमेल रहेगा और उसी साल… Continue reading कांग्रेस क्या एनसीपी से अलग होगी?

शिव सेना पर पवार का दांव

shiv sena sharad pawar : महाराष्ट्र के महाविकास अघाड़ी में शामिल एनसीपी के नेता शरद पवार का कोई खास सद्भाव कांग्रेस के प्रति नहीं है। वे शिव सेना के प्रति अपना सद्भाव दिखाते रहते हैं और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ उनकी मुलाकातें भी होती रहती हैं। लेकिन जहां राजनीति की बात आती है वहां वे शिव सेना की लगाम कसे रखते हैं। उनको पता है कि शिव सेना के पास मुख्यमंत्री का पद है और इसलिए विधानसभा स्पीकर का पद किसी हाल में उसके पास नहीं जाना चाहिए। इसलिए जैसे ही शिव सेना के नेताओं ने स्पीकर पद की मांग की वैसे ही पवार ने दो टूक कहा कि स्पीकर का पद कांग्रेस के पास ही रहेगा। ध्यान रहे कांग्रेस ने नाना पटोले को स्पीकर बनवाया था लेकिन बाद में पार्टी ने उनको प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। तब से स्पीकर का पद खाली है। दो दिन के विशेष सत्र में उपाध्यक्ष और शिव सेना के नेता भास्कर जाधव ने सदन का संचालन किया और हंगामा करने के नाम पर भाजपा के एक दर्जन विधायकों को एक साल के लिए निलंबित कर दिया। तब से शिव सेना के नेता स्पीकर पद की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि… Continue reading शिव सेना पर पवार का दांव

क्या शिव सेना-भाजपा में कोई खिचड़ी?

shiv sena BJP : हो सकता है दोनों पार्टियों में खिचड़ी पकरने की अफवाहे भाजपा ही बनवा रही हो। इसलिए कि महाराष्ट्र जैसे कमाऊ-सियासी प्रदेश की सत्ता से बाहर होना मोदी सरकार को भी बैचेन बनाए रखने वाला है। तभी लगातार चर्चा है महा विकास अघाड़ी में सब कुछ ठीक नहीं है। यह सब कुछ ठीक नहीं चलने का सिलसिला मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के प्रधानमंत्री से मिलने के बाद शुरू हुआ। उसके तुरंत बाद शिव सेना के सबसे मुखर नेता संजय राउत ने प्रधानमंत्री को भाजपा और देश का सर्वोच्च नेता बताते हुए तारीफ की। खुद उद्धव ने भी कहा कि वे भले भाजपा से अलग हो गए हैं लेकिन मोदी से रिश्ते खत्म नहीं हुए हैं। यह भी पढ़ें: योजना में अटका है एमएलसी का मामला! अब खबर है कि संजय राउत और मुंबई महानगर के भाजपा अध्यक्ष रहे आशीष सेलार के बीच एक गुप्त मीटिंग हुई है। जब खबर आम हो गई तो राउत ने कहा कि दोनों एक-दूसरे को काफी समय से जानते हैं और इसलिए इस मुलाकात में ज्यादा कुछ नहीं देखना चाहिए। लेकिन इस मुलाकात की खबर के तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस का एक बयान आया, जिसमें उन्होंने कहा- शिव सेना हमारी दुश्मन… Continue reading क्या शिव सेना-भाजपा में कोई खिचड़ी?

योजना में अटका है एमएलसी का मामला!

maharashtra governor bhagat singh koshyari : महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में विधान परिषद के 12 सदस्यों के मनोनयन की फाइल रोक कर रखे हुए हैं। पिछले साल नवंबर में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन नामों को मंजूरी दी गई थी और राज्यपाल के पास भेजा गया था। इसमें शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस तीनों के चार-चार नेताओं के नाम हैं। आठ महीने से ज्यादा समय से राज्यपाल के यहां फाइल अटकी है। इसे मंजूरी देने के लिए दबाव बनाने की बजाय शिव सेना की ओर से बीच-बीच में एकाध बयान दे दिया जाता है, जिसके जवाब में भाजपा नेता कहते हैं कि राज्यपाल की मंजूरी के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। इसके बाद मामला फिर कुछ दिन के लिए ठंडे बस्ते में चला जाता है। यह भी पढ़ें: कांग्रेस को यूपी में कोई नहीं पूछ रहा तभी सवाल है कि क्या किसी योजना के तहत इस मामले को लटका कर रखा गया है? जानकार सूत्रों का कहना है कि शिव सेना और भाजपा के फिर एक साथ आने के इंतजार में इसे रोक कर रखा गया है। राज्यपाल के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की… Continue reading योजना में अटका है एमएलसी का मामला!

शिव सेना दुश्मन नहीं: भाजपा

Shivsena BJP Not enemies : मुंबई। एक तरफ महाराष्ट्र विधानसभा में सत्ता पक्ष ने भाजपा के 12 विधायकों के निलंबित करा दिया पर सदन से बाहर दोनों पार्टियों के बीच जबरदस्त सद्भाव देखने को मिला है। विधानसभा के दो दिन के विशेष सत्र से पहले विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस ने रविवार को दादर स्थित वसंत स्मृति भवन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा- शिव सेना हमारी शत्रु नहीं है, वैचारिक मतभेद हैं। इसका जवाब देते हुए शिव सेना के संजय राउत ने कहा- हमारे रास्ते भले अलग हैं लेकिन हमारी दोस्ती कायम है। मोदी की नई कैबिनेट के 90 प्रतिशत मंत्री करोड़पति हैं, 42% पर आपराधिक मामले : ADR की रिपोर्ट फड़नवीस और संजय राउत के बयानों से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हालांकि बाद में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि दोनों पार्टियां दुश्मन नहीं हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि दोनों पार्टियां साथ मिल कर सरकार बनाने जा रही हैं। इससे पहले फड़नवीस ने कहा था कि- राजनीति में सब कुछ स्थायी नहीं होता। ध्यान फड़नवीस ने राज्य सरकार के खिलाफ तीखे तेवर अपनाए हैं लेकिन शिव सेना के प्रति उनका नजरिए नरम हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री फड़नवीस… Continue reading शिव सेना दुश्मन नहीं: भाजपा

कोश्यारी को स्पीकर नियुक्ति की चिंता!

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ( governor bhagat singh koshyari ) को इस बात की चिंता है कि विधानसभा में अभी तक स्पीकर की नियुक्ति क्यों नहीं हुई। गौरतलब है कि कांग्रेस के नाना पटोले स्पीकर थे, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उसके बाद से अभी तक कांग्रेस पार्टी स्पीकर का नाम नहीं तय कर पाई है। पर इसके बगैर कोई आफत नहीं आ रही है, जिसकी वजह से राज्यपाल को सवाल पूछना पड़े। लेकिन क्या सचमुच राज्यपाल की चिंता है या भाजपा की चिंता है? पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता देवेंद्र फड़नवीस एक प्रतिनिधिमंडल लेकर राज्यपाल से मिलने गए थे और उसके अगले ही दिन राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से यह सवाल पूछ दिया कि स्पीकर कब तक नियुक्त होगा। यह राज्यपाल की स्वाभाविक चिंता नहीं है। भाजपा को इस समय कांग्रेस, एनसीपी और शिव सेना के बीच चल रही खींचतान पर राजनीति करनी है इसलिए उसने यह मुद्दा उठाया है। यह भी पढ़ें: यूपी में किसान वोट बांटने का खेल सवाल है कि जिस राज्यपाल को समय पर स्पीकर नियुक्ति की इतनी चिंता है उसने विधान परिषद के 12 सदस्यों का मनोनयन क्यों आठ महीने से लटका रखा है? महाराष्ट्र… Continue reading कोश्यारी को स्पीकर नियुक्ति की चिंता!

शरद पवार से नाराज कांग्रेस नेता

कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार ( maharashtra politics sharad pawar ) से बहुत नाराज हैं। पहले ही जब उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर टिप्पणी की थी तभी नाराजगी शुरू हो गई थी लेकिन अब हद हो गई है। हालांकि बेचारे कांग्रेस नेता मजबूर हैं कुछ कर नहीं सकते हैं। वे सही मौके का इस्तेमाल कर रहे हैं। कांग्रेस के एक महत्वपूर्ण नेता ने माना कि महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेता जो बयान दे रहे हैं उस पर आलाकमान की सहमति है और वह बयानबाजी सिर्फ शरद पवार की वजह से हो रही है। कांग्रेस नेता यह भी मान रहे हैं कि शरद पवार ही शिव सेना को भी भड़का रहे हैं। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने चुनिंदा पत्रकारों के सामने कहा कि शरद पवार नियमित रूप से उद्धव ठाकरे से मिलते हैं, जबकि कांग्रेस में ऐसा कोई सिस्टम नहीं है। अपनी मुलाकातों में पवार क्या खिचड़ी पकाते हैं यह किसी को पता नहीं है। यह भी पढ़ें: दिसंबर से पहले ही सबको वैक्सीन लगेगी! कांग्रेस के एक नेता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शरद पवार सिर्फ प्रासंगिक बने रहना चाहते हैं और विपक्ष की राजनीति को नियंत्रित करना चाहते हैं। वे सिर्फ पांच सांसदों वाली पार्टी… Continue reading शरद पवार से नाराज कांग्रेस नेता

महाराष्ट्र में ढाई साल का पेंच!

महाराष्ट्र में ढाई साल का पेंच : महाराष्ट्र में भाजपा और शिव सेना का तालमेल इसी बात पर टूटा था। शिव सेना के नेता कह रहे थे कि बंद कमरे में अमित शाह ने वादा किया था कि मुख्यमंत्री का पद ढाई-ढाई साल के लिए दोनों पार्टियों के बीच बंटेगा। दूसरी ओर भाजपा ने इससे इनकार किया, जिसके बाद शिव सेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिल कर सरकार बनाई। पिछले दिनों फिर ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री की बात अचानक उभरी, जिस पर शिव सेना ने कहा कि एनसीपी के साथ ऐसी कोई बात नहीं हुई है और पांच साल तक शिव सेना का ही मुख्यमंत्री रहेगा। यह भी पढ़ें: कांग्रेस में शिव सेना को लेकर संदेह अब एक बार फिर ढाई साल का पेंच सामने आया है। अगले साल अप्रैल में उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री के तौर पर ढाई साल पूरे करेंगे। उसके बाद क्या होगा, इसका अंदाजा किया को नहीं है। जानकार सूत्रों का कहना है कि उसके बाद वे अगले ढाई साल तक भाजपा के समर्थन से भी मुख्यमंत्री रह सकते हैं या उनके समर्थन से अगले ढाई साल के लिए भाजपा का मुख्यमंत्री बन सकता है। हालांकि शिव सेना के नेता इससे इनकार कर रहे हैं… Continue reading महाराष्ट्र में ढाई साल का पेंच!

कांग्रेस में शिव सेना को लेकर संदेह

कांग्रेस में शिव सेना को लेकर संदेह : महाविकास अघाड़ी बनने के बाद कांग्रेस और शिव सेना में कमाल का तालमेल दिखा था। दोनों के नेताओं ने एक दूसरे पर बहुत भरोसा दिखाया था। लेकिन अब वह भरोसा टूटता दिख रहा है। यही कारण है कि दोनों ओर से बयानबाजी शुरू हो गई है। सरकार बनने के थोड़े दिन बाद ही दोनों पार्टियों में अविश्वास पैदा होने लगा था। लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि शिव सेना सांसद संजय राउत की पत्नी को ईडी का नोटिस जाने के बाद ज्यादा बदलाव हुआ है। उसके बाद शिव सेना का रुख भाजपा के प्रति नरम हुआ है। फिर जब उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तब घटनाक्रम में नया मोड़ आया। इसके तुरंत बाद संजय राउत ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की। यह भी पढ़ें: रावत और ममता की चिंता अब शिव सेना के विधायक प्रताप सरनाईक ने उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिख कर कहा कि केंद्रीय एजेंसियां बहुत परेशान कर रही हैं और इसलिए शिव सेना को भाजपा के साथ तालमेल कर लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी और कांग्रेस दोनों शिव सेना को कमजोर कर रहे हैं। कांग्रेस को इन बयानों का मतलब समझ… Continue reading कांग्रेस में शिव सेना को लेकर संदेह

Maharashtra Politics : शिवसेना का पीएम मोदी के प्रति नरम रुख कहीं कोई इशारा तो नहीं…

मुंबई | महाराष्ट्र की राजनीति ( Maharashtra Shivsena Politics News ) में कब क्या हो ये किसी को भी पता नहीं होता. महाराष्ट्र के मौजूदा सीएम उद्धव ठाकरे कि पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सियासत की हवाएं एक बार फिर तेजी से बहने लगी हैं. हालांकि इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि शरद पवार द्वारा मजबूत विपक्ष की बात और फिर पीएम मोदी से मुलाकात कर लौटते सीएम उद्धव ठाकरे का बयान कुछ तो इशारे जरूर करता है. शिवसेना के मुखपत्र सामना के पिछले कुछ अंकों में यह साफ दिखाई दे रहा है कि भाजपा या नरेंद्र मोदी के खिलाफ छपने वाले अंक गायब हैं. महाराष्ट्र की राजनीति को करीब से जानने वाले भी इस बात को मान रहे हैं कि यहां की सियासत हवाओं ने कुछ अलग तरीके से बहना शुरू कर दिया है. शिवसेना ने पीएम मोदी के खिलाफ नरम किया अपना रूख सीएम उद्धव ठाकरे की पीएम मोदी से मुलाकात के बाद से शिवसेना भाजपा और पीएम मोदी को लेकर अपने रुख को लेकर सुर्खियों में है. इसके पहले जहां शिवसेना के नेता संजय रावत और मुखपत्र सामना में पाएम मोदी के खिलाफ बड़े-बड़े अंक… Continue reading Maharashtra Politics : शिवसेना का पीएम मोदी के प्रति नरम रुख कहीं कोई इशारा तो नहीं…

फड़नवीस की पसंद को तरजीह

भाजपा की नई पीढ़ी के नेताओं में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस का कद लगातार बढ़ रहा है। महाराष्ट्र की राजनीति में उनको पीछे धकेलने के लिए हो रही तमाम सियासत के बावजूद उनका कद छोटा नहीं हो रहा है। पार्टी के जानकार सूत्रों का कहना है कि ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद से हो रहा है। ध्यान रहे पिछले कई बरसों से यह अटकल है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पसंद चंद्रकांत पाटिल हैं, जिनको प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि फड़नवीस प्रधानमंत्री की पसंद हैं। यह भी कहा जा रहा है कि फड़नवीस के बढ़ते कद से उद्धव ठाकरे और शरद पवार भी चिंतित हैं और उनको साइज में रखना चाहते हैं। यह भी पढ़ें: प्रियंका के ट्विट की अनदेखी! लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की वजह से फड़नवीस को साइज में रखने का अभियान सिरे नहीं चढ़ रहा है। उलटे वे अपनी पसंद के लोगों को अच्छी जगहों पर नियुक्त करा रहे हैं। भारत सरकार ने हाल में आशीष चंदोरकर को विश्व व्यापार संगठन यानी डब्लुटीओ में भारत का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया है। वे अगले तीन साल तक जिनेवा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि के तौर पर तैनात रहेंगे। चंदोरकर को फड़नवीस का करीबी… Continue reading फड़नवीस की पसंद को तरजीह

राउत ने भाजपा पर निशाना साधा

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने के दो दिन बाद शिव सेना के सुर फिर बदल गए हैं। शिव सेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि भाजपा ने शिव सेना को खत्म करने का प्रयास किया था। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार में शिव सेना के साथ नौकरों जैसा व्यवहार किया जा रहा था। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के एक पुराने सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर ने भी भाजपा पर सहयोगियों के साथ नौकरों जैसा बरताव करने का आरोप लगाया है। बहरहाल, पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक मुलाकात हुई थी। इसके बाद संजय राउत ने मोदी को भाजपा का और देश का सर्वोच्च नेता बताया था। लेकिन अब उन्होंने बयान बदल दिया है। राउत ने कहा कि पिछली महाराष्ट्र सरकार में भाजपा का शिव सेना के लिए व्यवहार नौकरों जैसा होता था। राउत का इशारा 2014 से 2019 के बीच के समय की ओर था, जब शिव सेना भाजपा के साथ महाराष्ट्र की सत्ता में थी। जलगांव में शिव सेना कार्यकर्ताओं के बीच राउत ने कहा- राज्य में जो पिछली… Continue reading राउत ने भाजपा पर निशाना साधा

डेढ़ घंटे चली मोदी-उद्धव की मुलाकात

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री बनने के बाद दूसरी बार उद्धव की प्रधानमंत्री से यह दूसरी मुलाकात थी। इस बार वे मराठा आरक्षण के मसले पर बात करने आए थे। इसके अलावा उन्होंने चक्रवाती तूफान ताउते से हुई तबाही के लिए मुआवजे के बारे में भी बात की। प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात डेढ़ घंटे से ज्यादा चली। मुलाकात के बाद उद्धव ने कहा कि राजनीतिक रूप से वे भाजपा के साथ नहीं हैं पर मोदी से रिश्ता खत्म नहीं हो गया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद प्रदेश में राजनीति तेज हो गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मराठा आरक्षण लागू करने के लिए प्रधानमंत्री से मदद मांगी। उसके अलावा उन्होंने वैक्सीनेशन और तूफान से हुए नुकसान के मुआवजे के बारे में बात की। एक दिन पहले ही यह मुलाकात तय हुई है और दोनों ने मीटिंग अकेले में की। ये बातचीत करीब एक घंटा चालीस मिनट तक चली मुलाकात के बाद इस बारे में पूछे जाने पर उद्धव ने कहा- भले ही राजनीतिक रूप से साथ नहीं हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है… Continue reading डेढ़ घंटे चली मोदी-उद्धव की मुलाकात

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