श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए घाटी के 48 रिजार्ट और पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय पिछले सप्ताह पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद सभी जिलों में किए गए व्यापक सुरक्षा ऑडिट के बाद लिया गया है। पर्यटकों के लिए अब प्रतिबंधित प्रमुख स्थलों में बांदीपोरा जिले में गुरेज घाटी, बडगाम में यूसमर्ग और दूधपथरी, दक्षिण कश्मीर में अहरबल, कोंसरनाग और वेरीनाग, बारामुल्ला में कमान पोस्ट और कुपवाड़ा में सुरम्य बंगस घाटी शामिल हैं।
एक अधिकारी ने कहा, “यह बंद अस्थायी है और आने वाले दिनों में बदलती सुरक्षा स्थिति के आधार पर समीक्षा की जाएगी।” अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि जो पर्यटक स्थल खुले हैं, वहां पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। केन्द्रशासित प्रदेश वन विभाग ने भी पर्यटकों के लिए अपने सभी ट्रैकिंग रूट बंद कर दिए हैं।
पिछले चार वर्षों में स्थानीय और गैर-स्थानीय दोनों तरह के पर्यटक कश्मीर के मैदानों और अल्पाइन ट्रेल्स पर खास तौर पर गर्मियों के ट्रैकिंग सीजन के दौरान आते रहे हैं। हालांकि हाल के वर्षों में घाटी में पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन पहलगाम हमले से पर्यटन उद्योग को गहरा झटका लगा है। पिछले छह दिनों में कई पर्यटक कश्मीर छोड़ चुके हैं जबकि कई अन्य ने कश्मीर की अपनी आगामी यात्रा की योजना रद्द कर दी है।
वन विभाग ने भी सभी ट्रैकिंग रूट फिलहाल बंद कर दिए हैं। पिछले कुछ वर्षों में खासतौर पर गर्मियों के मौसम में कश्मीर में ट्रैकिंग और पर्यटन की लोकप्रियता बढ़ी थी। लेकिन हालिया हमले से पर्यटन उद्योग को गहरी चोट पहुंची है। कई पर्यटकों ने अपनी कश्मीर यात्राएं रद्द कर दी हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग पहले से घाटी छोड़ चुके हैं।
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