महाराष्ट्र में शरद पवार की पार्टी में बड़ी संख्या में घर वापसी शुरू हो गई है। उनकी पार्टी छोड़ कर अजित पवार के साथ या भाजपा के साथ गए नेताओं ने लौटना शुरू कर दिया है। शरद पवार की एनसीपी छोड़ कर भाजपा में गए चार बार के विधायक और पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल ने भाजपा छोड़ कर एनसीपी में लौटने का ऐलान किया। उनके साथ एक और नेता लौटेंगे। इस बीच खबर है कि अजित पवार के साथ गए तीन विधायक शरद पवार के साथ लौट रहे हैं। माढा के विधायक बबनराव शिंदे ने अजित पवार का साथ छोड़ दिया है और शरद पवार के साथ जाने का ऐलान किया है। उनके बेटे रणजीत शिंदे इस बार शरद पवार की पार्टी से लड़ सकते हैं।
इस साल एक सौ से ज्यादा छोटे बड़े नेता अलग अलग पार्टियों से शरद पवार की एनसीपी में लौटे हैं। जुलाई में एक साथ 25 नेता उनके यहां लौटे थे। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में विधायकों और अन्य नेताओं की वापसी से शरद पवार की पार्टी में भी नाराजगी बढ़ रही है। अजित पवार के पार्टी तोड़ कर भाजपा में जाने और शिंदे सरकार में उप मुख्यमंत्री बन जाने के बावजूद जो नेता शरद पवार के साथ रह गए थे और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे वे नाराज हैं कि ‘गद्दारों’ को सजा देने की बजाय उनको इनाम मिल जाएगा। वे एक साल सरकार के साथ रहे और फिर वापस लौट कर महाविकास अघाड़ी गठबंधन से चुनाव लड़ जाएंगे। शरद पवार को अपने प्रति भरोसेमंद रहे नेताओं की भावना का ख्याल रखना होगा।
Image Source: ANI


