तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा को लेकर चल रहे विवाद का एक बड़ा असर अगले कुछ दिन में देखने को मिल सकता है। जानकार सूत्रों के मुताबिक संसद के दोनों सदनों के सचिवालय की ओर से यह नियम बनाया गया है कि अब सिर्फ सांसद ही संसद की वेबसाइट को एक्सेस कर पाएंगे। वे अपना पासवर्ड अपने निजी सहायक यानी पीए को भी नहीं दे सकेंगे। अभी तक ऐसी कोई बाधा नहीं थी। तभी ज्यादातर सांसदों के निजी सहायक ही वेबसाइट एक्सेस करते थे और वे ही सवाल वगैरह डालते थे। अब सवाल डालने सहित दूसरे कई काम सांसदों के खुद करना होगा क्योंकि वे पासवर्ड किसी और के साथ साझा नहीं कर सकेंगे।
हालांकि अभी तक इस नियम की अधिसूचना नहीं जारी हुई है लेकिन कहा जा रहा है कि संसद के चार दिसंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र से पहले यह नियम लागू हो जाएगा। गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर आरोप लगा था कि उन्होंने लोकसभा की वेबसाइट का लॉगिन और पासवर्ड एक कारोबारी को दिया और उनकी ओर से वह कारोबारी ही सवाल वेबसाइट पर अपलोड करते थे। यह भी कहा गया उस कारोबारी के विरोधियों के खिलाफ महुआ ने सवाल पूछे, जो सीधे उस कारोबारी ने अपलोड किया था। यह आरोप लगने के बाद महुआ ने कहा था कि सभी सांसदों के लॉगिन की जांच की जाए और पता लगाया जाए कि जिस समय उनके लॉगिन अकाउंट से वेबसाइट को एक्सेस किया गया उस समय वे कहां थे? उनका कहना था कि ज्यादातर सांसदों के पीए या दूसरे लोग ही उनका अकाउंट चलाते हैं। इस आरोप के बाद ही ऐसा लगता है कि पासवर्ड की गोपनीयता रखने का नियम बना है।
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