यह लाख टके का सवाल है, जिसका जवाब कांग्रेस के नेता नहीं दे रहे हैं। लेकिन जब से प्रकाश अम्बेडकर की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उनके कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता भेजा गया है तब से इस सवाल पर चर्चा हो रही है। गौरतलब है कि हर साल की तरह इस साल भी 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा। उससे एक दिन पहले 25 नवंबर को प्रकाश अम्बेडकर ने अपनी पार्टी वंचित बहुजन अघाड़ी की ओर से संविधान सम्मान महासभा का आयोजन किया है। उन्होंने इस आयोजन में शामिल होने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को न्योता भेजा है।
राहुल गांधी के इस कार्यक्रम में शामिल होने या न होने के साथ साथ इस बात पर अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या कांग्रेस भी वंचित बहुजन अघाड़ी से तालमेल करेगी? कांग्रेस और एनसीपी के सहयोगी उद्धव ठाकरे की शिव सेना ने प्रकाश अम्बेडकर के साथ तालमेल कर लिया है। उद्धव ठाकरे ने जब तालमेल किया था तब इसे लेकर बड़े सवाल उठे थे। यह कहा गया था कि अगर सीट बंटवारे की बात आएगी तो शिव सेना अपने कोटे से उनको सीटें देगी। शरद पवार की एनसीपी की ओर से इसका विरोध किया गया था। अब अगर कांग्रेस से उनकी नजदीकी बनती है तो एनसीपी की चिंता बढ़ेगी। ध्यान रहे प्रकाश अम्बेडकर बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के प्रपौत्र हैं और महाराष्ट्र में उनकी राजनीति के वारिस हैं। अब सबकी नजर 25 नवंबर के कार्यक्रम पर है।
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