ममता बनर्जी विधानसभा की दो सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव में किसी सीट से नहीं लड़ रही हैं। पहले माना जा रहा था कि वे चुनाव लड़ सकती हैं। हुमायूं कबीर ने उनको अपनी खाली की हुई सीट से लड़ने का प्रस्ताव दिया था। यह भी कहा जा रहा था कि वे नंदीग्राम से चुनाव लड़ सकती हैं। लेकिन उन्होंने रेजीनगर और नंदीग्राम दोनों जगह उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। रेजीनगर से मुस्लिम उम्मीदवार ही होगा यह सबको पता था। तभी उन्होंने रबीउल चौधरी को उम्मीदवार बनाया तो किसी को हैरानी नहीं हुई। लेकिन नंदीग्राम में उन्होंने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बना कर सबको चौंकाया है।
असल में नंदीग्राम के तीन चुनाव में ममता का यह तीसरा उम्मीदवार है। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता खुद नंदीग्राम से लड़ी थीं। उनकी पार्टी को बड़ी जीत मिली लेकिन वे शुभेंदु अधिकारी से चुनाव हार गई थीं। इस साल हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने पबित्र कर को उम्मीदवार बनाया था। पबित्र कर एक समय शुभेंदु अधिकारी के सबसे करीबी सहयोगी हुआ करते थे। उन्होंने बड़ी मजबूती से चुनाव लड़ा। नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद के दावेदार के तौर पर चुनाव लड़ रहे थे और नंदीग्राम उनका गढ़ है। फिर भी वे सिर्फ 10 हजार वोट से जीते। इससे ज्यादा वोट से उन्होंने भबानीपुर में ममता बनर्जी को हराया। नंदीग्राम में शुभेंदु को एक लाख 27 हजार वोट मिले थे तो पबित्र कर को एक लाख 17 हजार वोट मिले। ममता ने उनकी जगह महिला उम्मीदवार उतार कर अपना अलग कार्ड चला है। ममता से अलग हुए गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने पहले कहा था कि अगर ममता खुद लड़ेंगी तो उनका गुट उम्मीदवार नहीं उतारेगा। लेकिन अब उनका भी उम्मीदवार मैदान में होगा।
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