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गैर भाजपा दलों के मुस्लिम नेता निशाने पर

ByNI Political,
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भारतीय जनता पार्टी मुस्लिम सासंदों, विधायकों, मंत्रियों आदि से मुक्त हो गई है। संसद में उसके करीब चार सौ सांसदों में एक भी मुस्लिम नहीं है और भाजपा के मुस्लिम विधायकों की संख्या भी गिनी-चुनी है लेकिन उनमें से लगभग सभी विधान परिषद के सदस्य हैं। सो, अपनी पार्टी का काम पूरा करने के बाद भाजपा के नेता अब दूसरी पार्टियों के मुस्लिम नेताओं को निशाने पर लिए हुए हैं। उनका खुल कर विरोध हो रहा है और उनके खिलाफ मीडिया व सोशल मीडिया में मुहिम भी चल रही है। छत्तीसगढ़ से लेकर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से लेकर तेलंगाना तक में एक जैसा ट्रेंड देखने को मिला है।

सबसे ताजा मामला महाराष्ट्र और तेलंगाना का है। महाराष्ट्र में भाजपा और शिव सेना ने एनसीपी के विधायक और पूर्व मंत्री नवाब मलिक को निशाने पर लिया है। भाजपा नेता और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने मलिक को एनसीपी के अजित पवार गुट के साथ विधानसभा में सत्ता पक्ष की बेंच पर बैठने पर आपत्ति की है। उनका कहना है कि नवाब मलिक का 1993 मुंबई धमाकों में शामिल लोगों के साथ संबंध हैं। एकनाथ शिंदे गुट ने भी इसका समर्थन किया है। हालांकि एनसीपी के दूसरे नेताओं पर भी इस पर तरह के आरोप लगे हैं। शिव सेना के उद्धव ठाकरे गुट ने सवाल उठाया है कि प्रफुल्ल पटेल पर भी दाऊद इब्राहिम के लोगों के साथ कारोबारी संबंधों के आरोप लगे थे। लेकिन भाजपा को उनसे दिक्कत नहीं है। भाजपा को सिर्फ नवाब मलिक से दिक्कत है।

उधर तेलंगाना में भाजपा के विधायक टी राजा सिंह ने विधानसभा के अंदर प्रोटेम स्पीकर के  सामने शपथ लेने से इनकार कर दिया है क्योंकि प्रोटेम स्पीकर एआईएमआईएम के नेता अकबरूद्दीन ओवैसी हैं। ओवैसी छह बार के विधायक हैं और सबसे सीनियर विधायक होने की वजह से उनको प्रोटेम स्पीकर चुना गया है। लेकिन अपने भड़काऊ भाषणों के लिए भाजपा से निकाले गए और चुनाव से ठीक पहले पार्टी में वापस लाए गए राजा सिंह उनके सामने शपथ नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान जब पूर्णकालिक स्पीकर चुन लिया जाएगा तब वे शपथ लेंगे। हालांकि आसन पर बैठे व्यक्ति का धर्म देख कर शपथ लेने से इनकार करने वाले नेता पर एथिक्स का कोई मामला नहीं बनाया जा रहा है!

इससे पहले उत्तर प्रदेश से बहुजन समाज पार्टी के सांसद दानिश अली को संसद के भीतर भाजपा के सांसद रमेश बिधूड़ी ने आपत्तिजनक बातें कही थीं। इस मामले में कार्रवाई लंबित है। लेकिन दानिश अली का कहना है कि वे पीड़ित हैं लेकिन उलटे उनको आरोपी बना कर संसद की कमेटी के सामने पेश होने को कहा जा रहा है। इससे पहले सबने देखा था कि छत्तीसगढ़ की पिछली विधानसभा में कांग्रेस के इकलौते मुस्लिम विधायक मोहम्मद अकबर के चुनाव क्षेत्र में भाजपा नेता और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने किस तरह की बातें कही थीं। उन्होंने कहा था कि माता कौशल्या की धरती अपवित्र हो गई है। इस मामले में उनको चुनाव आयोग ने एक नोटिस भी दिया था। लेकिन अब उसका कोई मतलब नहीं है क्योंकि चुनाव हो चुका है और अकबर 60 हजार वोट से हार चुके हैं।

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