भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी नई टीम की एक झलक दी है। उन्होंने केरल विधानसभा चुनाव के लिए प्रभारियों का नाम घोषित किया है और साथ ही कई शहरों व राज्यों में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए भी प्रभारियों के नामों का ऐलान किया है। इनमें ऐसे कई नाम हैं, जिन्होंने अपने राज्य के बाहर किसी बड़ी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया है। साथ ही कुछ पुराने नाम भी हैं। इससे इस बात की पुष्टि होती है कि वे नए और पुराने नेताओं की एक मिक्स टीम बनाएंगे। राम माधव का मुख्यधारा की राजनीति में वापसी एक दिलचस्प संकेत है। उनको ग्रेटर बेंगलुरू नगर निकाय चुनाव के लिए प्रभारी बनाया गया है। दो साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नगर निकाय का चुनाव बहुत अहम है। उनके साथ राजस्थान के सतीश पूनिया और अंडमान निकोबार के संजय उपाध्याय को सह प्रभारी बनाया गया है। ध्यान रहे राम माधव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता है और वे जम्मू कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक और विदेश नीति के मामले में प्रधानमंत्री के सलाहकार माने जाते हैं। उनके महामंत्री बनने की चर्चा भी चल रही है।
पुराने नेताओं में विनोद तावड़े महामंत्री बने रहेंगे, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है। नितिन नबीन ने तावड़े को केरल के चुनाव का प्रभारी बनाया है। उनके साथ केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे सह प्रभारी बनाई गई हैं। अध्यक्ष बनने के बाद की गई नई नियुक्तियों में दिलचस्प नाम आशीष सेलार का है। पिछले दिनों एक बड़े कारोबारी के उनसे नाराज होने की खबरें चर्चा में थीं। वे तेलंगाना के स्थानीय निकाय के चुनाव प्रभारी बनाए गए हैं। उनके साथ राजस्थान के अशोक परनामी और राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा को सह प्रभारी बनाया गया है। परनामी को संगठन का अनुभव है। वे राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। बहरहाल, खबर है कि नितिन नबीन लगातार बैठकें कर रहे हैं और फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने बुधवार को लगातार नौ घंटे बैठक की। थोड़ी देर के लिए जेपी नड्डा भी बैठक में शामिल हुए थे।


