राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी और इमरजेंसी रिटर्न्स

इतिहास कैसे अपने को त्रासदी या तमाशे के रूप में दोहराता है यह इन दिनों हर तरफ देखने को मिलता है। बात बात में घोषित और अघोषित इमरजेंसी की बातें हो रही हैं। इसी बीच एक दिलचस्प घटनाक्रम हुआ है। इंदिरा गांधी के परपोते और प्रियंका गांधी के बेटे रेहान राजीव वाड्रा की तस्वीरों की एक प्रदर्शनी को सेंसर कर दिया गया है। पूरा घटनाक्रम इमरजेंसी के समय अखबारों को सेंसर किए जाने और ‘इंडियन एक्सप्रेस’ जैसे अखबार द्वारा उसके विरोध में किए जा रहे उपायों की झांकी दिखाने वाला है। सोचें, अगर ऐसा नहीं किया होता और पोलिटिकल कंटेंट के नाम पर तस्वीरें नहीं हटवाई गई होतीं तो इस प्रदर्शनी के बारे में चुनिंदा कांग्रेस नेताओं के अलावा कोई नहीं जानता। लेकिन अब पूरा देश इस बारे में जानता है।

असल में रेहान वाड्रा फोटोग्राफर हैं और उनकी खींची तस्वीरों की एक प्रदर्शनी दिल्ली के बीकानेर हाउस में लगाई गई थी। ‘नो आइडिया इज फाइनल’ नाम से लगाई गई इस प्रदर्शनी में एक सौ से ज्यादा तस्वीरें थीं। इनमें बड़ी संख्या में तस्वीरें हाल के दिनों में हुए प्रदर्शन की थीं, बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनको हटवा दिया। जिन तस्वीरों को हटाने को कहा, आयोजकों ने वो तस्वीरें तो हटा दीं लेकिन वहां खाली फ्रेम रहने दिया। जो लोग जानते हैं उनको पता है कि इंदिरा गांधी की लगाई इमरजेंसी के समय जब खबरों को सेंसर किया जाता था और हटाने को कहा जाता था तो ‘इंडियन एक्सप्रेस’ उस खबर के स्पेस को खाली छोड़ कर वहां सेंसर लिख देता था। रेहान वाड्रा ने वही किया था। हटाई गई तस्वीरों की खाली फ्रेम रहने दी थी। प्रशासन ने खाली फ्रेम पर भी आपत्ति जताई।

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment