विपक्षी पार्टियों के गठबंधन ‘इंडिया’ की ओर से न्यूज चैनलों के 14 एंकरों का बहिष्कार किया गया था। गठबंधन ने तय किया था कि 14 एंकरों के कार्यक्रम में उनका कोई प्रवक्ता नहीं जाएगा। तब अखिलेश यादव ने इस फैसले का समर्थन किया था। उन्होंने ट्विटर पर 14 सितंबर को लिखा था- … उन खबरनवीसों से रहना है खबरदार, जो बन बैठे हैं हुक्मरानों के वफादार। ध्यान रहे 13 सितंबर को विपक्षी गठबंधन ने एंकरों के बहिष्कार का फैसला किया और 14 सितंबर को उन्होंने यह ट्विट किया। लेकिन अब उनकी पार्टी ने बहिष्कार खत्म करने का फैसला किया है। समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि पार्टी के प्रवक्ता हर चैनल पर जाएंगे और पार्टी का पक्ष मजबूती से रखेंगे। बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस से तालमेल नहीं होने की वजह से यह फैसला किया है।
सवाल है कि क्या वे सिद्धांत रूप में ऐसे एंकरों के खिलाफ नहीं थे? अगर खिलाफ नहीं थे तो फिर क्यों ट्विट किया था? यह कहा जा रहा है कि मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सबसे पहले बहिष्कार के फैसले का उल्लंघन किया। उन्होंने ‘टाइम्स नाऊ’ की नाविका कुमार को इंटरव्यू दिया और उनको हेलीकॉप्टर में बैठा कर प्रचार में ले गए। हालांकि इससे पहले सपा के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया भी एक ऐसे एंकर के कार्यक्रम में गए थे, जिसका बहिष्कार किया गया था। बहरहाल, कारण चाहे जो लेकिन इतना तय है कि विपक्षी गठबंधन की पार्टियों में सब कुछ ठीक नहीं है। वे छोटी छोटी बातों पर लड़ रही हैं।
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