शराब नीति घोटाले में क्या प्रवर्तन निदेशालय दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आरोपी बनाएगा? इसे लेकर सस्पेंस बढ़ गया है। जानकार सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय एजेंसी अब केजरीवाल को समन नहीं करने जा रही है। उसने पिछले महीने दो नवंबर को केजरीवाल को पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन वे नहीं गए थे और एक लंबी-चौड़ी चिट्ठी एजेंसी को लिख दी थी। उसके बाद से बताया जा रहा है कि एजेंसी ने उनको नहीं बुलाने का फैसला किया है। उनके अलावा कई लोगों से ईडी ने पूछताछ की है। उनकी पार्टी के कोषाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता से भी ईडी ने दिसंबर के दूसरे हफ्ते में पूछताछ की थी।
बताया जा रहा है कि एजेंसी ने बिना केजरीवाल को बुलाए आरोपपत्र दाखिल करने का फैसला किया है। तभी सस्पेंस बढ़ा है कि उसमें केजरीवाल का नाम होगा या नहीं और होगा तो किस रूप में होगा? क्या एजेंसी उनको आरोपी बना सकती है? ध्यान रहे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह का नाम भी बाद में आरोपपत्र में शामिल किया गया था और फिर एक आरोपी के सरकारी गवाह बनने के बाद ईडी ने संजय सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। वे अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं। शराब नीति घोटाले में पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी जेल में हैं। इस मामले में दो लोग सरकारी गवाह बन गए हैं और उसके बाद ही ईडी ने केजरीवाल को भी समन जारी किया था। अगर आरोपपत्र में उनका नाम आता है तो इससे पार्टी के लिए मुश्किल वाली स्थिति बनेगी। हालांकि आम आदमी पार्टी ने पहले ही एक कथित जनमत संग्रह के आधार पर यह ऐलान किया हुआ है कि अगर केजरीवाल गिरफ्तार भी होते हैं तो वे इस्तीफा नहीं देंगे।
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