आमतौर पर तमिलनाडु में दो गठबंधनों के बीच आमने सामने का चुनाव होता है। डीएमके बनाम अन्ना डीएमके की राजनीति ही पिछले कई दशक से चल रही है। इस बार कई बरस के बाद ऐसा दिख रहा है कि चुनाव बहुकोणीय हो सकता है। इसका एक कारण तो फिल्म स्टार थलपति विजय हैं और दूसरा कारण दिवंगत जयललिता की सहेली रहीं वीके शशिकला का पार्टी बना कर चुनाव में उतरना और दूसरी पार्टियों से तालमेल करना है। ध्यान रहे विजय की पार्टी टीवीके का पहले भाजपा से तालमेल होने की चर्चा थी। यहां तक कहा जा रहा था कि भाजपा की ओर से 80 विधानसभा सीटें और उप मुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव दिया गया था। बहरहाल, जो भी प्रस्ताव रहा हो, उस पर बात नहीं बनी है और अब विजय सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ रहे हैं।
इस बीच शशिकला वे अपनी अलग पार्टी बनाई है और तालमेल का ऐलान किया है। शशिकला ने भाजपा की सहयोगी पीएमके के दूसरे धड़े के साथ तालमेल किया है। गौरतलब है कि वनियार समुदाय में बहुत गहरा असर रखने वाली पार्टी पीएमके दो हिस्सों में बंट गए है। एक हिस्से का नेतृत्व अंबुमणि रामदॉस कर रहे हैं, जो एनडीए में शामिल है। दूसरे हिस्से का नेतृत्व अंबुमणि के पिता और पार्टी के संस्थापक पीके रामदॉस कर रहे हैं। शशिकला ने पीके रामदॉस से तालमेल किया है। वे तमिलनाडु के डेल्टा वाले इलाके और दक्षिणी हिस्से में लड़ेंगे, जबकि शशिकला की पार्टी उत्तरी तमिलनाडु में लड़ेगी। अगर दोनों मिल कर थेवर व वनियार वोट काटते हैं तो अन्ना डीएमके और भाजपा एलायंस को नुकसान होगा।
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