ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हालात से समझौता कर लिया। उनको पता है कि केरल में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनती है तब भी पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। उनको अगर कुछ मिलना भी है तो वह भाजपा से मिलेगा लेकिन उसका अभी समय नहीं आया है। हो सकता है कि वे अपने लिए कुछ अच्छा मोलभाव कर रहे हों। तभी उन्होंने यह भी कह दिया है कि केरल में भाजपा अभी हाशिए पर की पार्टी है। अगर केरल में भाजपा अच्छा नहीं करती है तो प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का ग्राफ गिरेगा। बहरहाल, केरल चुनाव से पहले शशि थरूर ने अपनी पार्टी कांग्रेस से टकराव को किनारे रख दिया है। उन्होंने अब नया पैंतरा अपनाया है। सूत्रों का कहना है कि शशि थरूर ने कांग्रेस के उन नेताओं से हाथ मिला लिया है, जिनका मकसद केसी वेणुगोपाल को रोकना है।
गौरतलब है कि केसी वेणुगोपाल कांग्रेस के संगठन महासचिव होने और राहुल के विश्वासपात्र होने की वजह से सबसे पावरफुल हैं। लेकिन उनकी नजर केरल की मुख्यमंत्री की कुर्सी पर है। कहा जा रहा है कि अगर कांग्रेस जीतती है तो वे सीएम बनेंगे। लेकिन फिर केरल के दूसरे नेताओं का क्या होगा? रमेश चेन्निथला से लेकर वीडी सतीशन और सुधाकरन तक सारे नेता सीएम बनने के दावेदार हैं। बताया जा रहा है कि केसी वेणुगोपाल को रोकने के लिए शशि थरूर ने यह कहना शुरू किया है कि कांग्रेस सरकार में आती है तो किसी विधायक को ही मुख्यमंत्री बनाया जाए। किसी चुने हुए विधायक को मुख्यमंत्री बनाने की बात से थरूर का अपना पत्ता भी साफ होता है लेकिन वेणुगोपाल की दावेदारी भी कमजोर होगी।


