पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बहुत जोर देकर कहा था कि वह लोगों को मांस, मछली खाने से नहीं रोकेगी। भाजपा के नेता तो मछली लेकर प्रचार करते थे। भाजपा नेताओं ने मंगलवार को भगवा गमछा रख कर और टीका चंदन लगा कर मांस, मछली खाते हुए फोटो व वीडियो शेयर की थी। स्टार प्रचारकों में से एक हिमंत बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा था कि वे ममता से ज्यादा मांस, मछली खा सकते हैं। लेकिन ऐसा लग रहा है कि सरकार बनते ही भाजपा ने अपना एजेंडा लागू करना शुरू कर दिया। भाजपा सीधे ऐलान करके एजेंडा नहीं लागू कर रही है लेकिन नियमों को इस तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है कि लोगों को समस्या होने लगी है।
ध्यान रहे पश्चिम बंगाल देश के उन गिने चुने राज्यों में से है, जहां गौमांस की सीमित बिक्री की इजाजत है। सख्त नियमों के तहत ऐसा होता है। जब से भाजपा की सरकार आई है तब से नियमों को इतना सख्त कर दिया गया है कि गौकशी लगभग बंद हो गई है। अपनी जरुरत के लिए गौवंश बेचने वाले लोगों का काम ठप्प हो गया है। इसका नतीज यह हुआ है कि गौमांस जो पहले दो सौ रुपए किलो बिकता था वह छह सौ रुपए किलो बिक रहा है। इसकी वजह से बकरे और भेड़ के मांस की मांग बढ़ी है। लेकिन वहां भी जानवरों के अस्पताल से सर्टिफिकेट लेकर ही पशु काटने का नियम लागू कर दिया गया है। इसलिए अनेक दुकानें बंद हो गई हैं और लोग परेशान हो रहे हैं।


