west bengal

  • पश्चिम बंगाल में तीन राज्यसभा सीटों के लिए 24 जुलाई को उपचुनाव: निर्वाचन आयोग

    पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 24 जुलाई को उपचुनाव होगा। ये सीटें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों के इस्तीफे के कारण खाली हुई हैं। इस उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीनों सीटें जीतने की संभावना है। तृणमूल के जिन तीन राज्यसभा सदस्यों ने इस्तीफा दिया था, उनमें सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बड़ाइक शामिल है। इन तीनों ने जून में अलग-अलग तिथियों पर इस्तीफा दिया था। उन्होंने विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए अपने पद छोड़े थे। Also Read : स्टील्थ युद्धपोत ‘महेंद्रगिरि’...

  • बंगाल में सबके लिए समान कानून

    जिन समाजों में बहुविवाह की प्रथा है वहां आबादी बढ़ने का अनुपात बाकी समाजों के मुकाबले ज्यादा है, जिससे समाज में एक किस्म का असंतुलन बनता है। इस कानून के जरिए उसे भी दूर किया जा सकेगा। इसलिए पश्चिम बंगाल में समान कानून के स्वागत की तैयारी होनी चाहिए। पश्चिम बंगाल की सुवेंदु सरकार अपना एक और वादा पूरा करने जा रही है। राज्य में अब सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा। भाजपा ने इस साल के विधानसभा चुनाव में यह वादा किया था कि उसकी सरकार बनेगी तो वह समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू करेगी। ...

  • बंगाल में बदलने लगा माहौल

    पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल तेजी से बदल रहा है। ममता बनर्जी की पार्टी तोड़ने और उनकी पार्टी के आरोपी नेताओं को भाजपा में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल किए जाने से भाजपा समर्थकों और बंगाल के आम लोगों में भी कंफ्यूजन है। उनको समझ में नहीं आ रहा है कि जिनके खिलाफ भाजपा ने अभियान चलाया और जिनके खिलाफ लोगों के मन में गुस्सा है उन लोगों को ही क्यों फिर सत्ता में जगह दी जा रही है। इस बीच योग दिवस के लिए एक हफ्ते तक रेड रोड को बंद रखा गया, जिससे लोगों में काफी नाराजगी...

  • बंगाल के प्रभाव से बदलती देश की राजनीति

    किसी भी पार्टी के लिए पूर्वी भारत का विजय अभियान तभी पूरा होता, जब वह पश्चिम बंगाल जीते। वैसे ही जैसे पश्चिम का विजय अभियान महाराष्ट्र और उत्तर का अभियान उत्तर प्रदेश के बगैर अधूरा होता है। बहरहाल, पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत ने सिर्फ पूर्वी भारत के अभियान को संपूर्ण नहीं बनाया है, बल्कि भाजपा को इतनी ताकत दी है कि वह देश की राजनीति को स्थायी  रूप से बदल देने वाले फैसले कर सके। भारत के इतिहास, भूगोल और राजनीति तीनों में पश्चिम बंगाल का महत्व अभूतपूर्व है। अभी भी पूरे देश में मानसून अटका है तो...

  • पश्चिम बंगाल: टीएमसी नेता जहांगीर खान की पत्नी गिरफ्तार

    पश्चिम बंगाल पुलिस को शनिवार को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब तीन दिनों से फरार चल रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता जहांगीर खान की पत्नी रेजिना बीबी को गिरफ्तार कर लिया गया। रेजिना बीबी पर फाल्टा पुलिस थाने पर हमले की कोशिश की मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है।  पुलिस पहले ही जहांगीर खान को गिरफ्तार कर चुकी है। अब रेजिना बीबी की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023, आर्म्स एक्ट, 1959 और एक्सप्लोसिव्स एक्ट, 1884 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उसे दक्षिण 24 परगना की जिला अदालत में...

  • पश्चिम बंगाल: अभिषेक बनर्जी ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

    तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को एक बयान जारी कर उन दावों को खारिज कर दिया। जिनमें कहा गया था कि उन्होंने अपने लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की सुरक्षा की मांग की है। यह दावा उस घटना के बाद सामने आया था, जब 30 मई की दोपहर पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में नाराज भीड़ ने उन पर हमला किया था।  अभिषेक बनर्जी द्वारा सीएपीएफ सुरक्षा मांगने की जानकारी पिछले हफ्ते तब सामने आई, जब तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने मीडिया से...

  • पश्चिम बंगाल में मंत्रिमंडल का विस्तार, राज्यपाल ने 35 नए मंत्रियों को दिलाई शपथ

    सोमवार को पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल में 35 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। कोलकाता के लोक भवन में राज्यपाल आरएन रवि ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी उपस्थित रहे। सोमवार को 13 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि 19 राज्य मंत्री और 3 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाए गए हैं। कैबिनेट मंत्रियों में दीपक बर्मन, तपस रॉय, शंकर घोष, मनोज कुमार उरांव, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष, स्वपन दासगुप्ता, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, कल्याण चक्रवर्ती, अजय पोद्दार, शरद्वत मुखर्जी, दूध कुमार मंडल और अनुप कुमार दास शामिल हैं। ...

  • बंगाल हर तरह से बदल रहा

    घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें भारत की सीमा से निकालने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। सिर्फ पश्चिम बंगाल में नहीं, बल्कि बिहार से लेकर राजस्थान तक यह अभियान चल रहा है। पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा जिन राज्यों के साथ मिलती है वहां बाड़ लगाई जा रही है और सीमा की सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है। बंगाल बदल रहा है। यह सिर्फ कहने की बात नहीं है, बल्कि आंखों के सामने घटित हो रही एक शानदार परिघटना है। पिछले 50 साल में जिस बात की कल्पना नहीं की जा सकती थी वह काम हो रहा है।...

  • बंगाल में अगले चुनाव तक चलेगा एसआईआर!

    चुनाव आयोग ने बिहार के बाद 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम किया। 11 राज्यों में सब कुछ पूरा हो गया लेकिन पश्चिम बंगाल में अब भी एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। इसे कौन सा चरण कहेंगे यह किसी को पता नहीं है। लेकिन चुनाव आयोग ने तार्किक विसंगति के नाम पर जिन 27 लाख लोगों के नाम काटे उनकी जांच का काम चल रहा है। उनकी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 19 ट्रिब्यूनल बनवाए थे, जिनकी अध्यक्षता हाई कोर्ट के रिटायर जज कर रहे हैं। अभी इनमें एक दर्जन के...

  • तृणमूल सांसदों में सेंधमारी

    पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी का खेल शुरू हो गया है। उसका राजनीति का एक अपना म़ॉडल है और एक बंगाल मॉडल है। दोनों लगभग एक ही जैसे हैं। बंगाल में हर पार्टी के नेता को सत्ता में रहना होता है। जब तक सत्ता रहती है तभी तक वह शेर होता है। फालता सीट पर ममता बनर्जी के उम्मीदवार का मैदान छोड़ कर भागना इसका एक संकेत है। अब खबर है कि ममता बनर्जी के कई नेता और कई सांसद पाला बदलने की तैयारी कर रहे हैं। वे कह नहीं रहे हैं लेकिन परदे के पीछे से खेल शुरू...

  • लेफ्ट या टीएमसी का नहीं यह बंगाल मॉडल

    पश्चिम बंगाल की बात होती है तो अक्सर कहा जाता है कि यह लेफ्ट का मॉडल है या यह तृणमूल कांग्रेस का मॉडल है या यह कि तृणमूल ने सरकार में आने पर लेफ्ट का मॉडल अपना लिया आदि आदि। लेकिन असल में वहां लेफ्ट या तृणमूल का मॉडल नहीं चलता है वहां बंगाल का ही मॉडल चलता है। यह मौजूदा बंगाल का मॉडल है कि जिसकी सरकार बन जाए उसके साथ हो लो। बंगाल में मजदूर संगठन बहुत मजबूत रहे हैं लेकिन तभी तक जब तक लेफ्ट पार्टियों का शासन था। वामपंथी पार्टियों का शासन खत्म होने के साथ...

  • बंगाल में भाजपा का एजेंडा

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बहुत जोर देकर कहा था कि वह लोगों को मांस, मछली खाने से नहीं रोकेगी। भाजपा के नेता तो मछली लेकर प्रचार करते थे। भाजपा नेताओं ने मंगलवार को भगवा गमछा रख कर और टीका चंदन लगा कर मांस, मछली खाते हुए फोटो व वीडियो शेयर की थी। स्टार प्रचारकों में से एक हिमंत बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए कहा था कि वे ममता से ज्यादा मांस, मछली खा सकते हैं। लेकिन ऐसा लग रहा है कि सरकार बनते ही भाजपा ने अपना एजेंडा लागू करना शुरू कर दिया।...

  • बंगाल सरकार बाड़ लगाने के लिए जमीन देगी

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नई सरकार सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन देगी और जमीन देने की प्रक्रिया 45 दिन में पूरी की जाएगी। नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भारत और बांग्लादेश की सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि अवैध घुसपैठ से निपटने के लिए 45 दिन के भीतर यह जमीन गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी। हावड़ा के नाबन्ना में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई। उसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि...

  • अदालत में पहुंचेंगे बंगाल के मामले

    पश्चिम बंगाल में भाजपा को इतना बड़ा जनादेश मिला कि उसकी चर्चा में बाकी बातें ढक गईं। मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में नाम कटने या तार्किक विसंगति के आधार पर 27 लाख से ज्यादा लोगों को वोट डालने से रोक देने के मामले की चर्चा कम हो गई। इसका एक कारण यह भी है कि बंगाल में 49 सीटें ऐसी हैं, जहां जीत हार का अंतर एसआईआर के तहत कटे वोट से कम का है। ऐसी सीटों में से 26 सीटें भाजपा ने जीती हैं तो 21 सीटें तृणमूल कांग्रेस के खाते में गई हैं। कांग्रेस...

  • बंगाल में सुवेंदु युग का आरंभ

    संगठन के स्तर पर तृणमूल को चुनौती देना आसान नहीं था। सुवेंदु अधिकारी ने वह चुनौती भी दी और वैचारिक स्तर पर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अवधारणा को मजबूती से स्थापित किया।  सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के हिंदू मतदाताओं को यह भरोसा दिलाया कि इस बार भाजपा चुनाव जीतने जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद कोई हिंसा नहीं होगी। पश्चिम बंगाल में राजनीति के नए युग का आरंभ हो गया है। सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करते ही प्रदेश की...

  • शुभेंदु होंगे बंगाल के मुख्यमंत्री

    कोलकाता। साढ़े पांच साल पहले तृणमूल कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री होंगे। लगातार दो विधानसभा चुनाओं में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी को शुक्रवार को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। शुभेंदु अधिकारी के नेता चुने जाने के घटनाक्रम के महत्व को इस बात से समझा जा सकता है कि खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर्यवेक्षक के तौर पर बैठक में शामिल हुए और बैठक के बाद उनके नाम का ऐलान किया। भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद शुभेंदु अधिकारी लोकभवन...

  • कमल भी अब नीलकमल है! काला है!

    पांच मई 2026 के दिन अखबारों में एक और शीर्षक था, ‘बंगाल में कमल खिला’! ‘नया इंडिया’ में भी था। पल भर के लिए मन में प्रतिक्रिया थी, कमल खिला या दलदल खिला? क्यों? इसलिए क्योंकि मैंने कमल फूल को सनातन धर्म के चश्मे से जाना है। वह चश्मा मोदी-शाह-भाजपा के चश्मे से एकदम विपरीत है। कैसे? नोट करें कि कमल केवल फूल नहीं है, सनातन धर्म की दार्शनिकता है। मूल का “पद्म” शब्द सनातन धर्म में दिव्यता, चेतना, अलिप्तता का पर्याय है। गीता में एक शब्द है, “पद्मपत्रमिवाम्भसा”। सोचें, इस दर्शन पर कि संसार कीचड़ है, जबकि जीवन जल...

  • क्या कर देंगे घुसपैठियों से मुक्त बंगाल?

    तो बंगाल भगवा की सुनामी में है इसलिए उम्मीद करनी चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह घुसपैठियों से पश्चिम बंगाल को मुक्त कर देंगे? ‘मलेच्छ’ राज्य से बाहर निकाल दिए जाएंगे, बांग्लादेश की तरफ से घुसपैठ बंद हो जाएगी। बंगाल में हिंदुओं का राजनीतिक व सांस्कृतिक वर्चस्व स्थापित होगा, मुसलमानों की गुंडागर्दी खत्म होगी! भाजपा नेताओं की मानें तो यह सब कुछ होगा।  इन्हीं मुद्दों पर भाजपा ने बंगाल का चुनाव लड़ा था। बंगाल में गरीबी है, औद्योगिक विकास ठप्प हो गया है, पलायन हो रहा है, प्रति व्यक्ति आय कम होती जा रही है, नौकरी कम...

  • बंगाल में पुनर्जागरण या पुनरूत्थान?

    बंगाल के बारे में कहा जाता था कि बंगाल जो आज सोचता है पूरा देश कल उस पर विचार करता है। ऐसा इसलिए कहा जाता था क्योंकि बंगाल देश के बाकी राज्यों से बुनियादी रूप से भिन्न था। अंग्रेजों के आने से पहले का भारत अलग था। लेकिन ब्रिटिश शासन में भारत के राज्यों का अलग अलग चरित्र उभरा। उस समय बंगाल अपनी बौद्धिक क्षमता, कलात्मक उत्कृष्टता और सांस्कृतिक महानता की वजह से बाकी राज्यों से अलग और विशिष्ट हो गया। देश के बाकी राज्य जहां अतीत की गाथा में डूबते गए वही बंगाल भविष्य पर विचार करने लगा। देश...

  • फिर से क्या व्यापार, मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनेगा

    पश्चिम बंगाल सिर्फ कला, संस्कृति, धर्म और समाज सुधार का केंद्र नहीं था। बौद्धिक विमर्श के साथ साथ वह व्यापार का भी केंद्र था। कलकत्ता देश की राजधानी था। एक समय हुगली का बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक था। 18वीं सदी में दशकों तक ऐसा समय रहा, जब किसी भी समय हुगली के बंदरगाह पर 17 सौ जहाज खड़े होते थे। दुनिया भर का कारोबार वहां से होता था। तभी भले अंग्रेज, पुर्तगाली या डच और फ्रांसीसी दक्षिण के समुद्र तट पर पहले पहुंचे लेकिन उन्होंने अपने शासन और व्यापार का केंद्र बनाया कलकत्ता को। मुगल...

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