west bengal

  • 47 लाख मतदाताओं की आपत्तियों का निपटारा

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विचाराधीन श्रेणी में रखे गए 60 लाख मतदाताओं में से 47 लाख मतदाताओं की आपत्तियों का निपटारा कर दिया गया है। हालांकि चुनाव आयोग ने यह नहीं बताया है कि इनमें से कितने लोगों के नाम काटे गए हैं। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि करीब 47 लाख आपत्तियों का निपटारा 31 मार्च तक कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि उसे यह जानकारी 31 मार्च को हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने एक चिट्ठी के जरिए दी। हाई कोर्ट ने बताया है कि हर दिन दो लाख तक आपत्तियों को निपटाया...

  • चुनाव आयोग की गड़बड़ियां संयोग हैं या प्रयोग?

    चुनाव आयोग द्वारा अचानक कुछ ज्यादा ही ग़ड़बड़ियां होने लगी हैं। कहीं भाजपा की मुहर लगी चिट्ठी जारी हो जा रही है तो कहीं वेबसाइट में ऐसी गड़बड़ी दिखने लग रही है कि सांसदों के नाम ही मतदाता सूची से गायब हो जा रहे हैं। हर बार चुनाव आयोग कहता है कि तकनीती गड़बड़ी थी, जिसे ठीक कर लिया गया है या मानवीय भूल थी, जिस पर कार्रवाई कर दी गई है। लेकिन सवाल है कि इतनी गड़बड़ियां अचानक होने लगना संयोग है या प्रयोग? इससे पहले कभी इतनी गड़बड़ी नहीं हुई। यह भी सवाल है कि पश्चिम बंगाल में...

  • बंगाल में लागू होगा यूपी वाला मॉडल

    उत्तर प्रदेश में तो कहा जाता है कि योगी आदित्यनाथ की पुलिस ने रामपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव में इस मॉडल को लागू किया था लेकिन अब चुनाव आयोग ने वहां से सीख लेकर पश्चिम बंगाल में इसे लागू करने का फैसला किया है। इस मॉडल के तहत बुर्के वाली महिलाओं की जांच मतदान केंद्र के बाहर भी की जाएगी। ऐसे कह सकते हैं कि उनकी जांच दो बार या उससे ज्यादा बार भी हो सकती है। समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया था कि आजम खान के इस्तीफे से खाली हुई रामपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव में पुलिस ने मतदान...

  • बंगाल में दो चरणों में चुनाव

    नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मतदान की तारीखों का ऐलान कर दिया। पश्चिम बंगाल में दो चरण में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एक चरण में नौ अप्रैल को वोटिंग होगी। सभी राज्यों में वोटों की गिनता एक साथ चार मई को होगी। इसके साथ ही कुछ राज्यों में उपचुनावों की भी घोषणा हुई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में दोनों चुनाव...

  • बंगाल के राज्यपाल ने इस्तीफा दिया

    नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले एक आश्चर्यजनक घटनाक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफा देने के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का प्रभार सौंपा गया है। गौरतलब है कि रवि बिहार के रहने वाले हैं और पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में बिहारी मतदाता हैं। लद्दाख के उप राज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने भी इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल बोस के इस्तीफे पर हैरानी जताई है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने अभी मुझे सूचित किया है कि आरएन...

  • बंगाल की मतदाता सूची का सस्पेंस

    अगर सब कुछ तय कार्यक्रम के हिसाब से होता है तो कल यानी 28 फऱवरी को पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो जाएगी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को छूट दी है कि अगर सारे दावे और आपत्तियों का निपटारा 28 फरवरी तक नहीं होता है तो अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने के बाद आयोग पूरक सूची भी प्रकाशित कर सकता है। लेकिन सवाल है कि पूरक सूची भी कब तक प्रकाशित की जाएगी? पश्चिम बंगाल में बाकी चार राज्यों के साथ चुनाव की प्रक्रिया मार्च के दूसरे हफ्ते में शुरू हो जानी है। चुनाव की घोषणा के...

  • संदेह का समाधान नहीं

    क्या एसआईआर के बाद पश्चिम बंगाल में ऐसी मतदाता सूची सामने आ पाएगी, जिस पर तृणमूल कांग्रेस सहित तमाम दलों एवं हितधारकों को यकीन हो? ऐसा नहीं हुआ, तो जाहिर है, विधानसभा चुनाव संदेह के साये में होगा। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर चप्पे-चप्पे निगरानी की। नतीजतन 50 लाख दावे और आपत्तियां दर्ज करा दी गईं। उन अर्जियों को जैसे- तैसे ना निपटा दिया जाए, इसे सुनिश्चित करने के लिए पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई जारी रखी है। चूंकि उसकी दलीलों में दम है, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय को यह...

  • पश्चिम बंगाल में कितने नाम कटेंगे?

    यह लाख टके का सवाल है कि अंतिम मतदाता सूची में पश्चिम बंगाल में कितने नाम कटेंगे? अब यह तय हो गया है कि बंगाल की अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को जारी होगी। इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। क्योंकि अगर इसे आगे बढ़ाया गया तो चुनाव टलने का खतरा पैदा हो जाएगा। ध्यान रहे मार्च में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा होनी है। इसलिए जरूरी है कि फरवरी के अंत तक अंतिम मतदाता सूची जारी हो जाए। पिछले दिनों असम की मतदाता सूची जारी हुई। इसमें मसौदा मतदाता सूची के बाद करीब ढाई लाख लोगों...

  • बंगाल में मतदाता सूची जारी करने की तारीख बढ़ी

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का दूसरी चरण पूरा करने की समय सीमा सुप्रीम कोर्ट ने एक हफ्ते और बढ़ा दी है। सर्वोच्च अदालत ने अंतिम मतदाता सूची जारी करने के लिए 14 अप्रैल की सीमा को बढ़ा कर 21 अप्रैल कर दिया है। सोमवार को इस मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की रुकावट बरदाश्त नहीं की जाएगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि यह बात...

  • बंगाल में जनगणना की अधिसूचना जारी नहीं

    पश्चिम बंगाल सरकार किस किस स्तर पर केंद्र सरकार के साथ टकराव ले रही है, यह देख कर हैरानी होती है। ममता बनर्जी की पार्टी की सरकार का टकराव राजभवन के साथ चल रहा है और चुनाव आयोग के साथ भी चल रहा है। एसआईआर को लेकर ममता बनर्जी की पार्टी और चुनाव आयोग आमने सामने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कम और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ उन्होंने ज्यादा मोर्चा खोला है। घुसपैठियों और सीमा पर बाड़ लगाने के मसले पर केंद्रीय गह मंत्रालय के साथ उनका टकराव चल रहा है। अमित शाह के गृह मंत्रालय...

  • बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती

    पश्चिम बंगाल को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता और अनेक स्वतंत्र जानकार यह कहते हैं कि वहां भाजपा की जीत की संभावना एक ही स्थिति में है, जब राज्य में चुनाव टल जाए और राष्ट्रपति शासन लगे या अभी किसी तरह से राष्ट्रपति शासन लगा कर ही चुनाव कराया जाए। सत्ता में रहते ममता बनर्जी को हराना नामुमकिन माना जा रहा है। हालांकि कई लोग यह भी कहते हैं कि अगर केंद्रीय बलों की तैनाती समय से पहले हो जाए और ज्यादा संख्या में केंद्रीय बल तैनात किए जाएं तब भी मौका बनेगा। खुद तृणमूल के नेता ऐसे मौके...

  • बंगाल में क्या टल सकता है चुनाव?

    पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को लेकर दो तरह की आशंका कई महीनों से जताई जा रही है। पहली आशंका तो यह है कि राज्य में किसी न किसी कारण से राष्ट्रपति शासन लगाया जाएगा क्योंकि भाजपा को ऐसा अहसास हो गया है कि ममता बनर्जी का शासन रहते हुए वह बंगाल नहीं जीत सकती है। दूसरी आशंका चुनाव टलने की थी। यह भी हालांकि पहली आशंका से जुड़ी ही है। किसी न किसी तरह से राष्ट्रपति शासन लगाने की आशंका के पीछे एक कारण चुनाव टलना भी था। कई जानकार बता रहे थे कि या तो किसी बहाने चुनाव...

  • बंगाल में मतदाता सूची का विवाद

    पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का विवाद समाप्त ही नहीं हो रहा है। लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज का विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जिसमें सर्वोच्च अदालत ने चुनाव आयोग को 10 दिन का समय दिया है और कहा है कि इस श्रेणी में चुनाव आयोग ने जितने लोगों को नोटिस भेजा है, अगले 10 दिन में उनकी बात सुन कर, उनसे दस्तावेज लेकर जरूरी सुधार किया जाए। ममता बनर्जी की पार्टी इसे अपनी जीत बता रही है। लेकिन हैरानी की बात है कि इस किस्म की गड़बड़ियां बिहार में भी थीं तो वहां कोई विवाद क्यों...

  • बंगाल के मतदाताओं को 10 दिन और मिले

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के सवा करोड़ मतदाताओं को 10 दिन का समय और दिया है। इन 10 दिनों में उनको अपने नाम की स्पेलिंग, माता-पिता के नाम की गड़बड़ी या उम्र संबंधी गड़बड़ियों को ठीक कराना होगा। गौरतलब है कि इस किस्म की गड़बड़ियों को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज बता कर चुनाव आयोग ने सवा करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के बाद कहा कि ये मतदाता 10 दिन में अपने दस्तावेज चुनाव आयोग को पेश करें। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से यह भी कहा चुनाव आयोग...

  • बंगाल में भाजपा के पास सिर्फ नैरेटिव है

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले माहौल पूरा गरम है। केंद्र की भाजपा सरकार ने अपने आजमाए हुए दांव के तौर पर चुनाव से ठीक पहले प्रदेश की भाजपा विरोधी पार्टी यानी तृणमूल कांग्रेस को केंद्रीय एजेंसियों के दम पर परेशान करने लगी है तो दूसरी ओर ममता बनर्जी अपनी आदत के मुताबिक सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रही हैं और टकराव को नए मुकाम तक ले जा रही हैं। लेकिन अगर वस्तुनिष्ठ तरीके से देखें और पश्चिम बंगाल में भाजपा की ताकत व कमजोरी का आकलन करें तो पता चलेगा कि ताकत के नाम पर भाजपा के...

  • बंगाल पुलिस बनाम सीबीआई की जांच

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक परिदृश्य बहुत दिलचस्प हो गया है। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच नए तरह का घमासान शुरू हो गया है। राजनीतिक लडाई से इतर दोनों के बीच कानूनी जंग छिड़ी है तो दोनों के नियंत्रण वाली एजेंसियों का भी मुकाबला होने वाला है। ममता बनर्जी ने ईडी की छापेमारी में दखल दिया और छापे की जगह से कथित तौर पर जरूरी दस्तावेज उठा कर ले गईं तो ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को दरवाजा खटखटाया है। ममता की सरकार को पता था कि ईडी सुप्रीम कोर्ट जाएगी तो उसने पहले ही कैविएट फाइल...

  • बंगाल में भाजपा का चेहरा कौन?

    यह लाख टके का सवाल है कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी किसको चेहरा बना कर चुनाव लड़ेगी। सामने से ममता बनर्जी की चुनौती है और यह सबको पता है कि भाजपा के पास उनसे मुकाबले के लिए कोई चेहरा नहीं है। तभी भाजपा के नेता अनौपचारिक बातचीत में दावा करते हैं कि चेहरा तो दिल्ली में अरविंद केजरीवाल से मुकाबले के लिए भी नहीं था लेकिन भाजपा ने उनको हरा दिया। जब हर्षवर्धन और किरण बेदी का चेहरा था तब भाजपा नहीं जीती। लेकिन जब बिना चेहरे के लड़ी तो जीत गई। हालांकि यह लॉजिक पश्चिम बंगाल में...

  • बंगाल में महिला वोट की चिंता में भाजपा

    बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जब राज्य की नीतीश कुमार सरकार ने महिलाओं को मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 10 हजार रुपए देने शुरू किए तो राज्य में पूरा राजनीतिक परिदृश्य बदल गया था। उस समय बिहार की बेलागंज सीट से एक राजद नेता का एक वीडिया वायरल हुआ था, जिसमें दिल्ली से गए एक बड़े पत्रकार से बातचीत में कह रहे थे कि घर की महिला कैसे परिवार से बाहर जाकर नीतीश कुमार को वोट करेगी। अगर महिला ने नीतीश को वोट करने की सोची तो उसकी पिटाई होगी। इस वीडियो ने राजद को बहुत नुकसान किया।...

  • बांग्लादेश का असर पश्चिम बंगाल में

    हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाएं लगातार हो रही हैं और पश्चिम बंगाल में उन हिंदुओं की जाति बता कर राजनीति हो रही है। पश्चिम बंगाल के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि 18 दिसंबर को जिस हिंदू युवक की हत्या की गई थी और पेड़ पर लटका कर जिंदा जला दिया गया था वह दलित था। उनका कहना है कि दलित हिंदू की हत्या हुई इसलिए तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस या दूसरी विपक्षी पार्टियां इसके खिलाफ सवाल नहीं उठा रही हैं। दूसरे हिंदू अमृत मंड्ल उर्फ सम्राट की हत्या का मुद्दा भी जोर शोर से उठ रहा है।...

  • महाजंगलराज का जुमला कितना चलेगा

    ऐसा लग रहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा किसी बड़े नैरेटिव और नारे की तलाश में है। अभी तक उसे कोई एक सेंट्रल नैरेटिव और एक मुख्य नारा नहीं मिल पाया है। अब प्रधानमंत्री महाजंगलराज का नारा आजमा रहे हैं। उन्होंने शनिवार, 20 दिसंबर को पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार का आगाज किया तो रानाघाटा की सभा को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए महाजंगलराज का जुमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में महाजंगलराज को समाप्त करना है। इस नारे का संदर्भ बिहार से लिया जाता है। यह अनायास नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी...

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