राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

सीजेपी ने शिक्षा का मुद्दा छोड़ दिया

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने क्या शिक्षा का मुद्दा छोड़ दिया? उसके नेता इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद स्कूल बदलने का अभियान शुरू किया था। हालांकि शुरू में वे सिर्फ भाजपा शासित राज्यों में गए। लेकिन जब दबाव बना तो कुछ विपक्षी शासन वाले राज्यों में भी गए। लेकिन वहां से सिर्फ अच्छी तस्वीरें दिखाईं। फिर भी स्कूल सुधारों और शिक्षा में बदलाव का उनका एक बड़ा एजेंडा था, जिस पर युवाओं और छात्रों का समर्थन उनको मिल रहा था। उनके आंदोलन और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ही केंद्र सरकार ने नीट सहित अन्य परीक्षाओं में सुधार के लिए नंदन नीलेकणी कमेटी का गठन किया था।

पिछले चार दिन में इनसे जुड़े दो बड़े घटनाक्रम हुए हैं लेकिन सीजेपी का कोई बयन देखने को नहीं मिला। मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगने में बिजी सीजेपी के नेताओं ने न तो नंदन नीलेकणी कमेटी की सिफारिशों को लेकर कोई टिप्पणी की और न इस पर कोई बयान दिया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने संसद की शिक्षा मामलों की समिति के सामने कहा कि उसके नौ साल के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। एनटीए ने इतना बडा झूठ बोला लेकिन नीट पेपर लीक पर आंदोलन करने वाली सीजेपी ने लगता है कि इसको देखा ही नहीं। इसी तरह नीलेकणी कमेटी की सिफारिशें तैयार हो गई हैं। उसमें कहा गया है कि परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड होगी। यह भी कहा गया है कि हजारों सवालों का बैंक तैयार किया जाएगा और परीक्षा के समय उस प्रश्न बैंक से एआई के जरिए रैंडम सवाल सीधे कंप्यूटर पर आ जाएंगे। इस सिफारिश को अच्छा या बुरा बताने वाली कोई टिप्पणी सीजेपी की नहीं आई।

Tags :

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment