लालू प्रसाद के परिवार की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। चुनाव के बाद भी न तो परिवार का झगड़ा सुलझ रहा है और न कानूनी, राजनीतिक मुश्किलें कम हो रही हैं। सिंगापुर में रहने वाली बेटी रोहिणी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लगातार अपने भाई तेजस्वी यादव और उनके आसपास के लोगों को निशाना बना रहे हैं। एक पोस्ट तो उन्होंने ऐसी लिखी, जिसके बाद बिहार में जनता दल के नेताओं ने उनको सुरक्षा देने की घोषणा कर दी। इस तरह की निजी मुश्किलों के बीच पूरे परिवार की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। राबड़ी देवी जिस विशेष जज की कोर्ट बदलवाना चाहती थीं उन्होंने बेहद सख्त टिप्पणियों के साथ जमीन के बदले नौकरी देने के मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया है।
विशेष जज विशाल गोगने ने कहा है कि लालू प्रसाद ने रेल मंत्रालय को अपनी जागीर समझ लिया था और जमीन के टुकड़े लेकर नौकरी दी थी। इसलिए आरोप तय किए जाएं। मुश्किल यह है कि इस मामले में लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के साथ साथ उनके तीन चार भी आरोपी हैं। उनके उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव भी आरोपी हैं तो परिवार से निकाले गए तेज प्रताप यादव भी हैं। दोनों बेटों के अलावा दो बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव भी आरोपी हैं। अगर रेलवे से जुड़े दो मामलों में आईआरसीटीसी केस और जमीन के बदले नौकरी के मामले में मुकदमा चलता है और सजा होती है तो लालू प्रसाद को नया उत्तराधिकारी तय करना होगा। क्योंकि परिवार की ओर से राजनीति में उतरे चार बच्चों में से रोहिणी को छोड़ कर बाकी तीनों आरोपी हैं।
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