पता नहीं भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार ने 4,399 दिन के रिकॉर्ड पर इतना जोर क्यों दिया? नरेंद्र मोदी की तीसरी सरकार के दो साल पूरे हुए हैं और उन्होंने बतौर प्रधानमंत्री 12 साल का कार्यकाल पूरा किया है। इसका जश्न मनाने की बजाय सारा फोकस इस बात पर किया गया कि मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिन पूरे किए हैं, जो देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में पूरे किए गए 4,398 दिन के कार्यकाल से ज्यादा है। इस तरह मोदी निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले नेता बन गए हैं। मोटे तौर पर रिकॉर्ड यह दर्ज होता है कि सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री कौन रहा। लेकिन मोदी का रिकॉर्ड बड़ा दिखाने के लिए इसमें लगातार और निर्वाचित दो बातें जोड़ी गईं। जाहिर है इसका मकसद 10 जून के इवेंट को थोड़ा बड़ा बनाना था। हैरानी इस बात को लेकर भी है कि पूरी दुनिया में इस बात का प्रचार हुआ है और दुनिया के राष्ट्राध्यक्षों, शासनाध्यक्षों ने भी इसके लिए बधाई संदेश प्रेषित किए।
सबसे पहले तो यह समझने की जरुरत है कि देश में पहला चुनाव 1952 में हुआ था, जिसमें कांग्रेस जीती और नेहरू प्रधानमंत्री बने। लेकिन उससे पहले भी नेहरू निर्वाचित प्रधानमंत्री ही थे। 1946 में जिस संविधान सभा का चुनाव हुआ था वह संविधान सभा उस समय तक अंतरिम संसद के तौर पर काम कर रही थी। उस संविधान सभा के लिए नेहरू चुने गए थे, जैसे सरदार पटेल चुने गए थे। सरदार पटेल उस सरकार में पंडित नेहरू के उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे। इसलिए अगर यह कहा जाता है कि नेहरू 1952 में निर्वाचित प्रधानमंत्री बने थे तो इसका मतलब है कि किसी खास मकसद से तथ्य की मनमानी व्याख्या की जा रही है। नेहरू आजादी मिलने के साथ ही 15 अगस्त 1947 को प्रधानमंत्री बने थे और 27 मई 1964 को निधन के समय तक प्रधानमंत्री बने रहे थे। वे कभी पूर्व प्रधानमंत्री नहीं हुए। वे प्रधानमंत्री थे और प्रधानमंत्री के रूप में ही इस दुनिया से गए। उनका कार्यकाल 6,130 दिन का था।
इस लिहाज से अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 17 सौ दिन से ज्यादा प्रधानमंत्री रहना होगा। अगर वे 2029 का चुनाव जीत कर 2031 तक प्रधानमंत्री बने रहते हैं तो लगातार चार बार चुनाव जीतने और सबसे ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री रहने का अपना रिकॉर्ड बनाएंगे। इसी तरह से इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड टूटना भी अभी बाकी है। लगातार सबसे ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री रहने के मामले में जरूर मोदी ने इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है लेकिन सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने के मामले में अब भी नेहरू के बाद इंदिरा गांधी ही है। इंदिरा गांधी 1966 से 1977 तक और फिर 1980 से 1984 तक प्रधानमंत्री रही थीं। वे 15 साल 350 दिन यानी करीब 16 साल प्रधानमंत्री रही थीं। अगर दिन में हिसाब लगाएं तो वे 5,835 दिन तक भारत की प्रधानमंत्री रही थीं। इस तरह से अभी नरेंद्र मोदी अगर 1,435 दिन और प्रधानमंत्री रहते हैं तब इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड टूटेगा। हालांकि नेताओं के कार्यकाल का आकलन सिर्फ दिन, महीने या साल के आधार पर नहीं किया जा सकता है। लाल बहादुर शास्त्री सिर्फ दो साल, वीपी सिंह सिर्फ 11 महीने और पीवी नरसिंह राव पांच साल प्रधानमंत्री रहे लेकिन अपने कार्यकाल में इन प्रधानमंत्रियों ने ऐसे फैसले किए, जिससे देश व्यापक रूप से प्रभावित हुआ। इसलिए अंत में प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का आकलन दिन के आधर पर नहीं, बल्कि उनके शासन की उपलब्धियों के आधार पर ही होगा।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


