राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

देश भर के व्यापारी परेशान हैं

देश के कई हिस्सों में दो अक्टूबर को एक अलग किस्म का प्रदर्शन हुआ। एक तरफ मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ पार्टियों का प्रदर्शन चल रहा था तो दूसरी ओर देश के व्यापारियों ने अलग प्रदर्शन किया। उन्होंने ‘नो यूपीआई डे’ मनाया। दुकान पर लगे स्कैनर को काले कपड़े से ढक दिया और सिर्फ नकद में कारोबार किया। व्यापारी यूपीआई ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगाने का विरोध कर रहे थे। हालांकि कुछ व्यापारी संगठनों ने अपने को इससे अलग कर लिया फिर भी यह व्यापक विरोध था। अब व्यापारियों को अलग किस्म की चिंता परेशान कर रही है। उनको लग रहा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई बढ़ सकती है।

व्यापारी इस बात से परेशान हैं कि त्योहारों के सीजन में खरीद बढ़ेगी तो बड़ी संख्या में लोग नकदी खरीद करेंगे। इसका कारण यह है दो हजार रुपए से ज्यादा की खरीद पर शुल्क लगना है। शुल्क ग्राहक से नहीं लेना है। सो, व्यापारियों को समस्या है कि अगर यूपीआई से खरीद हुई तो पैसे देने होंगे और अगर नकद व्यापार हुआ तो फिर से वैट के जमाने की तरह छापे और जांच की प्रक्रिया बढ़ जाएगी। दोनों स्थितियों में व्यापारियों को नुकसान होना है। हालांकि इस बीच जीएसटी कौंसिल में एक बड़ा फैसला होने की संभावना है। सात अक्टूबर को जीएसटी कौंसिल की बैठक है, जिसमें जीएसटी कानून से गिरफ्तारी के प्रावधान को हटाया जा सकता है। ऐसा होता है तो इससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

Tags :

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment