महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिव सेना और कांग्रेस पार्टी ने मिल कर शरद पवार को राज्यसभा भेजा। अब कांग्रेस पार्टी और शरद पवार की एनसीपी मिल कर उद्धव ठाकरे को विधान परिषद में भेजेंगे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने उद्धव ठाकरे से अपील की है कि वे विधान परिषद में जाएं। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे 2019 में जब मुख्यमंत्री बने थे तो उसके बाद संवैधानिक अनिवार्यता के तहत वे विधान परिषद के सदस्य बने थे।
अब उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है। राज्य में विधान परिषद की नौ सीटें खाली हो रही हैं। इसके अलावा एक उपचुपनाव की सीट भी है। विधानसभा के मौजूदा गणित के हिसाब से भारतीय जनता पार्टी को चार सीट मिलेगी। उसकी दोनों सहयोगी पार्टियों शिव सेना और एनसीपी को दो दो सीटें मिलेंगी। एक सीट विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी के खाते में जाएगी। कांग्रेस और शरद पवार की पार्टी दोनों चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे उच्च सदन में जाएं। असल में शरद पवार की खराब सेहत के बाद महाविकास अघाड़ी की पार्टियों को उम्मीद है कि 2029 के चुनाव में उद्धव ठाकरे गठबंधन का नेतृत्व करेंगे। इसलिए उनको विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य होना चाहिए।


