यह सवाल बार बार पूछा जा रहा है कि राहुल गांधी आखिर छात्रों से जुड़ा कार्यक्रम करने के लिए उत्तराखंड क्यों गए? इसका जवाब यह है कि कांग्रेस की पैनी नजर उत्तराखंड पर है, जहां अगले साल के शुरू में चुनाव होने वाला है। कांग्रेस को लग रहा है कि अगले साल के शुरू में जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं उनमें उत्तर प्रदेश को छोड़ कर उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में कांग्रेस के लिए बहुत अच्छी संभावना है। तभी राहुल गांधी ने छात्रों के मामले में राजस्थान के बाद दूसरा मुकाम उत्तराखंड के देहरादून को चुना। इसका असर भी दिखा। जिस दिन राहुल का कार्यक्रम था उस दिन एक लोकप्रिय गायिका का कार्यक्रम उनके कार्यक्रम स्थल के बगल में ही रखा गया था लेकिन उस गायिका के कार्यक्रम से ज्यादा युवा राहुल गांधी के कार्यक्रम में जुटे। राहुल का छात्रों की गूंज कार्यक्रम बहुत सफल हुआ।
ध्यान रहे राहुल गांधी का कार्यक्रम उत्तर प्रदेश और बिहार जाने का था। नीट यूजी के पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द होने के बाद कांग्रेस ने जो योजना बनाई थी उसके मुताबिक राहुल 17 जून को राजस्थान के कोटा गए। उन्होंने ट्रेन से यात्रा की और वहां छात्रों व युवाओं के साथ संवाद किया। उसके बाद 10 जुलाई को प्रयागराज और 11 जुलाई को पटना में उनका ऐसा ही कार्यक्रम था। उसके बाद दिल्ली में इस अभियान का समापन होना था। बाद में प्रयागराज और पटना के कार्यक्रम की तारीख आगे बढ़ाई गई औऱ फिर उसे स्थगित कर दिया गया। कहा गया कि राहुल विदेश चले गए हैं। वे विदेश गए थे लेकिन सिर्फ इस वजह से कार्यक्रम नहीं टला था, बल्कि उस समय तक कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन शुरू हो गया था और सोनम वांगचुक जंतर मंतर पर भूख हड़ताल शुरू कर चुके थे। तभी कांग्रेस ने अपना कार्यक्रम टाल दिया। उत्तराखंड में चूंकि चुनाव है और वहां कांग्रेस के पास संगठन भी है और वह मजबूत है। वहां भी पेपर लीक हुए थे इसलिए वहां कार्यक्रम हुआ।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


