कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिले। उनके साथ उनकी बेटी और कांग्रेस विधायक दल की नेता अनुराधा मिश्रा भी थीं। गौरतलब है कि यूपी में कांग्रेस के दो ही विधायक हैं, जिनमें एक प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। प्रमोद तिवारी भले प्रदेश अध्यक्ष नहीं हैं लेकिन उनको उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का चेहरा माना जाता है। पार्टी के शीर्ष नेताओं को उनके ऊपर भरोसा है। इसलिए अखिलेश यादव से उनकी मुलाकात के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या वे समाजवादी पार्टी के साथ तालमेल पर चर्चा कर रहे हैं?
यह संभव है क्योंकि प्रदेश संगठन के बाकी नेताओं से अखिलेश यादव सीट बंटवारे की बात नहीं करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय हों या नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम हों उनके साथ अखिलेश बात नहीं करेंगे। हां, बाद में बातचीत में ये लोग शामिल हो सकते हैं। तभी संभव है कि सीट बंटवारे की प्राथमिक बातचीत प्रमोद तिवारी ने की है। यह भी हो सकता है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की ओर से कोई संदेश लेकर वे गए हैं। ध्यान रहे इमरान मसूद जैसे कई कांग्रेस नेता सपा से ज्यादा सीटों की मांग कर रहे हैं। सपा की ओर से 80 लोकसभा सीटों के हिसाब से 80 सीट कांग्रेस को देने का प्रस्ताव है। कांग्रेस 2017 के फॉर्मूले से एक सौ करीब सीट मांग रही है। दोनों पार्टियों के नेता कह रहे हैं कि सीटों की संख्या से ज्यादा क्वालिटी सीट पर मामला अटकेगा। लेकिन यह जरूर कहा जा रहा है कि दोनों पार्टियां जल्दी सीट बंटवारा चाहती हैं।
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



