आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय से पार्टी के आला नेताओं को क्या कोई नाराजगी थी, जो उनको हटा दिया गया? उनको हटाने के साथ साथ पूरी सोशल मीडिया टीम को बदल दिया गया। इतना ही नहीं मालवीय के समय जिसे आईटी सेल कहा जाने लगा था उसका नाम फिर से सोशल मीडिया टीम कर दिया गया है। कई जानकारों का कहना है कि मालवीय की वजह से आईटी सेल इतना बदनाम हो गया था कि उसका भी नाम बदला गया। हालांकि दूसरी ओर अब भी कई लोग मान रहे हैं कि मालवीय को हटाने का फैसला टैक्टिकल है, पार्टी के नेताओं को उनसे कोई नाराजगी नहीं है।
गौरतलब है कि अमित मालवीय को पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी मिली थी। वे सह प्रभारी थे। आईटी सेल का काम देखने के साथ साथ वे बंगाल चुनाव में भी भूमिका निभा रहे थे। इसलिए एकदम उनको हाशिए पर नहीं डाला जाएगा। उनके लिए आगे कोई न कोई भूमिका तय होगी। उनकी क्या भूमिका होगी यह इस पर भी निर्भर करेगा कि नई टीम कैसा काम करती है। छत्तीसगढ़ में नितिन नबीन के साथ काम कर चुके दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया प्रमुख बनाया गया है। उनके साथ प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को सह प्रभारी बनाया गया है।
सोशल मीडिया का प्रभारी बनते ही दीपक म्हस्के ने पहले इंटरव्यू में कहा कि वे पार्टी के प्रति बनने वाले निगेटिव नैरेटिव को कंट्रोल करने का प्रयास करेंगे। इससे यह भी अंदाजा लग रहा है कि मालवीय के हटने के पीछे यह भी कारण रहा होगा कि वे निगेटिव नैरेटिव को कंट्रोल नहीं कर पाए। खास कर जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद जो माहौल बना उसे वे हैंडल नहीं कर पाए।
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