India independence: यह सवाल से ज्यादा अब हैरान करने वाली बात हो गई है। यह सबको पता है कि भारत 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था।
लेकिन आजादी और असली आजादी में फर्क बना दिया गया है। आजादी के तुरंत बाद वामपंथी और दक्षिणपंथी पार्टियों दोनों आजादी को नकली मानती थीं। सड़कों पर नारे लगते थे कि यह आजादी झूठी है।
1947 की आजादी को झूठी या अधूरी आजादी मानने वालों की लंबी सूची है। परंतु अब एक नया कंफ्यूजन पैदा हो गया है।
अब भाजपा और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की ओर से असली आजादी की नई नई तारीखें बताई जाने लगी हैं। भाजपा के कुछ नेता 2014 में असली आजादी मिली बताते हैं तो संघ की ओर से 2024 बताया जा रहा है।
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नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 में केंद्र में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी तो भाजपा के समर्थन से सोशल मीडिया में एक अभियान चला, जिसमें कहा गया कि भारत को असली आजादी अब मिली है।
पिछले साल भाजपा की सांसद बनी फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने तो कई बार यह बात कही कि भारत को असली आजादी 2014 में मिली, जब मोदीजी प्रधानमंत्री बने।
इसके बाद जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त किया गया तो कहा गया कि अब जाकर जम्मू कश्मीर असल में भारत का हुआ है।
अब राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि जिस दिन अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई यानी 20 जनवरी 2024 को भारत को असली आजादी मिली। उन्होंने 2024 की प्रतिष्ठा द्वादशी को असली आजादी मिलने का दिन तय किया है।
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Image Source: ANI


