इस साल के दोवार्षिक राज्यसभा चुनाव का शिड्यूल बहुत दिलचस्प है। पहले चरण में 37 सीटों पर चुनाव हुआ था और दूसरे चरण में 24 सीटों पर चुनाव हो रहा है। तीसरे चरण में नवंबर में 11 सीटों पर चुनाव होगा। पहले चरण में 11 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव हुआ उसमें पांच सीटें बिहार की थीं। इन सीटों पर चुनाव की घोषणा के साथ ही यह चर्चा शुरू हो गई है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाएंगे। हालांकि तब तक उनकी पार्टी के भी किसी नेता को इसका अंदाजा नहीं था कि ऊपर क्या खिचड़ी पक रही है। अचानक चार मार्च को होली से एक दिन पहले जनता दल यू की सूची रूक गई और खबर आई की नीतीश सीएम पद छोड़ेंगे और राज्यसभा जाएंगे। पांच मार्च को नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन किया। उसके बाद की कहानी सबको पता है।
इस बार दूसरे चरण में राज्यसभा की 24 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा हुई थो फिर एक मुख्यमंत्री की विदाई की खबर आने लगी। बताया जा रहा है कि मंगलवार, 26 मई को दिल्ली में कर्नाटक के नेताओं के साथ बैठक में कांग्रेस आलाकमान की ओर से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कहा गया कि वे राज्यसभा चले जाएं और सीएम पद छोड़ दें। कांग्रेस आलाकमान डीके शिवकुमार को सीएम बनाना चाह रहा है। अगर यह खेल हो जाता है यानी राज्यसभा के दूसरे चरण में भी एक सीएम की विदाई हो जाती है तो फिर तीसरे चरण का इंतजार रहेगा। तीसरे चरण में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की 10 सीटों पर राज्यसभा चुनाव है। इन दोनों राज्यों में अगले साल मार्च में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। क्या उस समय भाजपा की ओर से किसी मुख्यमंत्री को राज्यसभा जाने का विकल्प दिया जा सकता है? थोड़ा जोखिम भरा होगा लेकिन राजनीति में कुछ भी संभव है। उत्तराखंड में तो 2022 के चुनाव से तीन महीने पहले ही पुष्कर सिंह धामी सीएम बने थे।
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