कर्नाटक में कमाल की राजनीति देखने को मिल रही है। एचडी कुमारस्वामी की पार्टी जेडीएस का तालमेल भाजपा के साथ हो गया है लेकिन वे कांग्रेस के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनवाने की बात कर रहे हैं। उनकी पार्टी की ओर से डीके शिवकुमार को समर्थन देने की बात कही गई है। असल में पिछले दिनों कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर एक बहस छिड़ी। सिद्धरमैया ने पांच साल तक पद पर बने रहने का दावा करके विवाद शुरू किया, जिसमें बाकी कई नेता कूद गए। हालांकि शिवकुमार उसे लेकर चुप रहे लेकिन कुमारस्वामी की पार्टी ने इसमें मौका देखा और उनको समर्थन देने की बात कह दी। हालांकि इस बात का कोई मतलब नहीं है लेकिन वोक्कालिगा वोट में इससे मैसेज बना होगा।
डीके शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं। उनको मुख्यमंत्री बनाने के लिए इस समुदाय का एकमुश्त वोट कांग्रेस के पक्ष में गया। इसका नुकसान जेडीएस को उठाना पड़ा। ध्यान रहे एचडी देवगौड़ा भी वोक्कालिगा हैं और इस समुदाय का वोट पहले उनको मिलता रहा है। शिवकुमार की वजह से यह वोट टूटा है। चुनाव के बाद कांग्रेस ने पिछड़ा मुख्यमंत्री बनाया और अब जो दावेदारी हो रही है वह प्रियांक खड़गे और जी परमेश्वरा यानी दो दलित नेताओं की हो रही है। तभी जेडीएस ने अपने 19 विधायकों का समर्थन डीके शिवकुमार को देने की बात कही। माना जा रहा है कि शिवकुमार जेडीएस के कुछ विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उसे रोकने के लिए भी जेडीएस ने यह दांव चला हो सकता है। शिवकुमार भी इससे कांग्रेस आलाकमान को मैसेज दे सकते हैं कि अगर उनको मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो जेडीएस के विधायक साथ आ सकते हैं और वोक्कालिगा वोट पूरी तरह से कांग्रेस से जुड़ सकता है।
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