आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जिस दिन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निजी हमला शुरू किया, उनकी डिग्री के बारे में सवाल किए, उनको कम पढ़ा लिखा प्रधानमंत्री बताया और उनकी सरकार को देश की सबसे भ्रष्ट सरकार करार दिया उसी दिन यह तय हो गया था कि वे अगला निशाना हैं। सो, जिस तरह से वे दूसरी पार्टियों के नेताओं को बदनाम करते रहे हैं उसी तरह उनको बदनाम करने का अभियान शुरू हो गया है। अब तक उनका साथ देता रहा मीडिया अब चुप है। विज्ञापन के बावजूद उनकी हिम्मत नहीं हो रही है कि वे केजरीवाल के पक्ष में खबर दिखाएं। मीडिया और सोशल मीडिया दोनों जगह उनके चरित्रहनन का प्रयास तेज हो गया है।
केजरीवाल के सरकारी बंगले की साज सज्जा पर 45 करोड़ रुपया खर्च किए जाने को राष्ट्रीय चैनलों ने बड़ा मुद्दा बनाया है। सबके यहां विशेष प्रोग्राम बन रहे हैं और बहस हो रही है। आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल के बंगले के ऊपर जिस ड्रोन के उड़ने की शिकायत की है और सुरक्षा को खतरा बताया है वह ऐसा लग रहा है कि हर तरफ से बंगले की फोटो लेने और वीडियो बनाने के लिए था।
शराब नीति घोटाले में केजरीवाल को पहले से बदनाम किया जा रहा है। सोशल मीडिया में ऐसे मीम्स और जोक्स शेयर हो रहे हैं, जिनसे यह मैसेज बनवाया जा रहा है कि जेल में बंद मनीष सिसोदिया अंततः केजरीवाल का नाम लेंगे और तब केजरीवाल नहीं बचेंगे। इस बीच सिसोदिया की पत्नी सीमा एक गंभीर बीमारी से इलाज के लिए अपोलो अस्पताल में भर्ती हुईं। केजरीवाल उन्हें देखने गए और वहां से निकल कर एक ट्विट किया, जिसे लेकर उनके ऊपर चौतरफा हमले शुरू हो गए। यह सवाल उठाया गया कि 45 करोड़ बंगले पर खर्च करने की खबर आई और केजरीवाल को ‘सीमा भाभी’ की याद आ गई। ध्यान रहे बंगले पर 45 करोड़ रुपया पीडब्लुडी ने खर्च किया है, जिसके मंत्री सिसोदिया थे।
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