आखिरकार 160 दिन के बाद सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ को एक पूर्णकालिक प्रमुख मिल गया। सरकार ने सोमवार को बीएसएफ के महानिदेशक यानी डीजी की नियुक्ति की। पिछले 160 दिन से कामचलाऊ डीजी से देश की इस प्रीमियम पारामिलिट्री फोर्स का काम चल रहा था। असल में 31 दिसंबर 2022 को बीएसएफ के डीजी पंकज सिंह का कार्यकाल समाप्त हो गया था। उसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ के डीजी सुजय लाल थाउसेन को बीएसएफ का प्रभार सौंप दिया गया था। तब से इसी तदर्थ व्यवस्था के तहत काम चल रहा था।
अधिकारियों की नियुक्ति करने वाली कैबिनेट कमेटी की मंजूरी के बाद सोमवार को 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी नितिन अग्रवाल को बीएसएफ का नया डीजी नियुक्त किया गया। वे जुलाई 2026 में रिटायर होने तक इस पद पर रहेंगे। ऐसा नहीं है कि पहली बार बीएसएफ के डीजी का पद इतने समय तक तदर्थ व्यवस्था के तहत रहा हो। इससे पहले मार्च 2020 में भी विवेक जौहरी के रिटायर होने के बाद पांच महीने से कुछ ज्यादा समय तक उनकी जगह आईटीबीपी के एसएस देसवाल ने बीएसएफ का प्रभार संभाला था। असल में इस सरकार में कई अहम पदों पर या तो कार्यकारी की व्यवस्था चल रही है या रिटायर अधिकारियों को ठेके पर रख कर उनसे काम कराया जा रहा है।
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