कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक में अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का मुद्दा बना दिया है। खड़गे ने पहले प्रधानमंत्री के ऊपर विवादित बयान दिया। उसके बाद उनके बेटे प्रियांक खड़गे ने भी प्रधानमंत्री पर विवादित बयान दिया। उसके बाद खड़गे की टीम ने प्रचार में उनके ऊपर फोकस बनवाया। खड़गे लगातार इस तरह के बयान दे रहे हैं और अपने भाषणों में ऐसी बातें कर रहे हैं, जिस तरह की बातें आमतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते रहे हैं। मोदी ने अपनी ब्रांडिंग और देश के व्यापक समूह तक पहुंच बनाने के लिए जितनी बातें कही हैं, वह सब खड़गे अपने प्रचार में कह रहे हैं। ऊपर से कांग्रेस के हाथ एक ऑडियो रिकॉर्डिंग लग गई, जिसमें भाजपा के एक उम्मीदवार खड़गे परिवार को साफ करने की बात कहते सुनाई दे रहा है। उसके बाद तो खड़गे पर और भी फोकस बन गया है।
बहरहाल, खड़गे ने सीधे मोदी के भाषण की बातें उठा ली हैं। मोदी अपने को पिछड़ा बताते रहे हैं तो खड़गे खुल कर अपने दलित और वंचित बता रहे हैं। मोदी अपने को चाय बेचने वाला और बहुत गरीब परिवार का बताते रहे हैं तो खड़गे भी अपनी सभाओं में बता रहे हैं कि वे एक मिल मजदूर के बेटे हैं और बचपन बेहद गरीबी में गुजारा है। इसी तरह मोदी खुल कर अपनी गुजराती पहचान जाहिर करते हैं और अपने को गुजरात के छह करोड़ लोगों का रहनुमा बताते रहे हैं। उसी तर्ज पर खड़गे अपने को सात करोड़ कन्नाड़ लोगों का रहनुमा और प्रतिनिधि बता रहे हैं। वे अपने को कन्नड़ धरती पुत्र बता कर वोट मांग रहे हैं। उनकी इन बातों पर सभाओं में खूब तालियां बज रही हैं।
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