एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार बेंगलुरू में सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार के शपथ समारोह में शामिल हुए थे। उस समारोह से लौट कर पवार ने अपनी पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की है और महा विकास अघाड़ी की दूसरी पार्टियों के नेताओं से बातचीत की है। बताया जा रहा है कि कर्नाटक के नतीजों और शपथ समारोह में लोगों के उत्साह से शरद पवार की उम्मीदें बहुत बढ़ी हैं। उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं को बताया कि शपथ समारोह में एक लाख लोग जुटे थे, जिसमें ज्यादा संख्या युवाओं की थी। उनका कहना है कि अगर कामगार और किसान एक साथ रहते हैं तो भाजपा को हराया जा सकता है।
वे इस मसले पर महा विकास अघाड़ी की रणनीति बना रहे हैं। उनको उम्मीद है कि कर्नाटक के नतीजों को सबसे बेहतर तरीके से कहीं दोहराया जा सकता है तो वह महाराष्ट्र है। तभी महा विकास अघाड़ी में शामिल पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे पर भी बातचीत शुरू हो गई है। तीनों पार्टियों- एनसीपी, कांग्रेस और शिव सेना के उद्धव ठाकरे गुट की वज्रमूठ रैली अलग अलग जिलों में हो रही है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। शरद पवार को अपने रणनीतिक कौशल का इस्तेमाल करके तीनों पार्टियों के बीच सीटों का तालमेल कराना है और यह सुनिश्चित कराना है कि शिव सेना उद्धव ठाकरे को चेहरा प्रोजेक्ट करके लड़ने की जिद न करे। इस मामले में भी वे कर्नाटक मॉडल को पेश कर सकते हैं।
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