आम आदमी पार्टी के जानकार सूत्रों के मुताबिक 11 जून को दिल्ली में होने वाली रैली में विपक्षी पार्टियों के नेता भी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भागदौड़ सिर्फ संसद के अंदर विपक्षी पार्टियों का समर्थन जुटाने के लिए नहीं है, बल्कि संसद के बाहर सड़क की लड़ाई में भी विपक्षी पार्टियों का समर्थन हासिल करने के लिए है। यह भी कहा जा रहा है कि वे जिस भी विपक्षी नेता से मिल रहे हैं उसको 11 जून की रैली में शामिल होने का न्योता भी दे रहे हैं। दिल्ली के अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति का अधिकार दिल्ली सरकार से छीनने वाले केंद्र सरकार के अध्यादेश को उन्होंने संघवाद, संविधान और न्यायपालिका पर हमला बताते हुए विपक्ष को रैली का न्योता दिया है।
गौरतलब है कि इस अध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में 11 जून को रैली का आयोजन किया है। हालांकि इतनी गर्मी में रैली का आयोजन कोई अच्छा आइडिया नहीं है। पिछले दिनों सबने देखा कि महाराष्ट्र की एक रैली में भारी गर्मी और पानी की कमी से कई लोग मर गए थे। बहरहाल, केजरीवाल की रैली को लेकर बड़ा सस्पेंस यह है कि उनके बुलावे पर कितने विपक्षी नेता इसमें हिस्सा लेते हैं? इसमें भी सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि कांग्रेस इसमें शामिल होगी या नहीं? अगर रैली आम आदमी पार्टी के बैनर तले होती है, जिसकी संभावना ज्यादा है तो कांग्रेस इसमें शामिल नहीं होगी। फिर कांग्रेस के गठबंधन में शामिल कुछ और पार्टियां भी इसमें शामिल नहीं होंगी। हां, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और के चंद्रशेखर राव के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है।
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