भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच सोमवार को रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में वनडे फॉर्मेट की ट्राई-सीरीज का चौथा मैच खेला जा रहा है, जिसमें भारतीय टीम पर 10 रन की पेनाल्टी लगाई गई।
ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बल्लेबाज विपराज निगम ने पहले मिली चेतावनियों के बावजूद दो बार पिच के प्रोटेक्टेड एरिया पर दौड़ लगाई। ऐसे में अंपायर्स ने भारतीय टीम पर पेनाल्टी लगाने का फैसला लिया।
मैदान पर मौजूद अंपायर्स प्रगीथ रामबुकवेला और शांता फोंसेका ने 34वें और 37वें ओवर के बीच यह सजा सुनाई। दूसरी बार नियम तब टूटा जब निगम ने शॉर्ट थर्ड मैन की तरफ सिंगल लेने की कोशिश की, लेकिन नॉन-स्ट्राइकर सूर्यांश शेडगे ने उन्हें वापस भेज दिया।
अपनी क्रीज पर वापस लौटने की हड़बड़ी में, वह सीधे पिच के बीच से दौड़ पड़े। निगम ने 2 ओवर पहले भी ऐसी ही गलती की थी, इसलिए अंपायर्स को कार्रवाई करनी पड़ी।
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भारतीय पारी के दौरान बार-बार नियम तोड़ने के चलते दो बार पांच-पांच रन की पेनाल्टी लगाई गई, जिसका मतलब था कि श्रीलंकाई पारी के शुरू होने से पहले ही उनके खाते में 10 रन जुड़ गए थे।
टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम 49.2 ओवरों में महज 265 रन पर सिमट गई। भारत को 3.5 ओवर में वैभव सूर्यवंशी के रूप में पहला झटका लगा, जो 14 गेंदों में 1 छक्के और 3 चौकों के साथ 21 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद 39 के स्कोर पर भारत ने प्रभसिमरन सिंह (11) का विकेट भी गंवा दिया।
यहां से कप्तान तिलक वर्मा ने ऋतुराज गायकवाड़ (37) के साथ तीसरे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी करते हुए टीम को संभालने की कोशिश की। वर्मा 23 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
भारत ने 143 के स्कोर तक अपने 7 विकेट खो दिए थे। यहां से विपराज निगम ने सूर्यांश शेडगे के साथ 90 गेंदों में 104 रन जोड़कर भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। सूर्यांश 66 गेंदों में 5 बाउंड्री के साथ 72 रन बनाकर आउट हुए, जबकि विपराज ने 51 रन का योगदान टीम के खाते में दिया।
विपक्षी खेमे से मोहम्मद शिराज और विजयकांत वियासकांत ने 3-3 विकेट निकाले, जबकि सहान अराच्चिगे, कुगाथास मथुलन और वानुजा सहान ने 1-1 विकेट हासिल किया।
Pic Credit : ANI
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