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भाटिया, मंधाना और गेंदबाज़ों की मदद से भारत ने जीता ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट

यास्तिका भाटिया के शतक, दोनों पारियों में स्मृति मंधाना के अर्धशतक और क्रांति गौड़ के पंजे की बदौलत भारत ने ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को सोमवार को 270 रन के बड़े अंतर से हरा दिया।

चौथे दिन का खेल जब शुरू हुआ तब भारत जीत से चार विकेट दूर था और स्नेह राणा ने अर्धशतक बना चुकीं एमी जोंस के रूप में भारत को दिन की पहली सफलता दिला दी। इसके बाद दीप्ति शर्मा ने इसी वॉन्ग और लॉरेन बेल को बोल्ड किया।

दूसरे छोर पर सोफ़ी एकलस्टन डटी हुई थीं और भारत जीत से मात्र एक विकेट दूर था। एकलस्टन जब 27 के स्कोर पर थीं तब श्री चरणी ने उनके ख़िलाफ़ पगबाधा की अपील की थी जिसे अंपायर ने नकार दिया। हालांकि श्री चरणी की गुज़ारिश पर कप्तान हरमनप्रीत कौर ने रिव्यू लिया और एकलस्टन अंपायर्स कॉल पर बच गईं।

एकलस्टन ने टेस्ट करियर में अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया और जब वह 44 के स्कोर पर थीं तब दीप्ति के ख़िलाफ़ अंपायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया था। एकलस्टन ने स्वीप का प्रयास किया था और अंपायर के इस निर्णय के ख़िलाफ़ इस बार उन्होंने डीआरएस लिया। टीवी अंपायर ने अल्ट्रा एज पर पाया कि गेंद एकलस्टन के बल्ले के अंदरूनी भाग से लगकर पैड पर लगी थी इसलिए इस बार भी एकलस्टन बच गईं और भारत के लिए जीत का इंतज़ार और लंबा हो गया।

राणा की गेंदबाज़ी पर इसके बाद भारत ने लॉरेन फ़ाइलर के ख़िलाफ़ रिव्यू भी गंवाया जब अंपायर ने फ़ाइलर को पगबाधा की अपील पर नॉट आउट करार दिया था। इस समय एकलस्टन 49 के स्कोर पर थीं और फ़ाइलर का खाता नहीं खुला था।

हालांकि राणा ने एकलस्टन को 50 के निजी स्कोर पर बोल्ड करते हुए इंग्लैंड का अंतिम विकेट गिराया और भारत ने यह मुक़ाबला 270 रनों के विशाल अंतर से जीत लिया। इंग्लैंड की ओर से इस मैच में सबसे अच्छा प्रदर्शन एकलस्टन ने किया जिन्होंने अर्धशतक लगाने के साथ ही गेंदबाज़ी में दूसरी पारी में पंजा हासिल किया।

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भारत ने इंग्लैंड के सामने इस टेस्ट में जीत के लिए 457 रनों का लक्ष्य रखा था जिसके जवाब में तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 130 के स्कोर पर छह विकेट गंवा दिए थे और जोंस अर्धशतक बनाकर खेल रही थीं। टैमी ब्यूमोंट और हीदर नाइट अपने अंतररारष्ट्रीय करियर का अंतिम मैच खेल रही थीं और दोनों को अंतिम पारी में गौड़ ने अपना शिकार बनाया।

इस टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाज़ी के लिए आमंत्रित किया था। मंधाना अपना 300वां अंतरराष्ट्रीय मुक़ाबला खेल रही थीं और पहली पारी में उनकी 83 रनों की पारी, हरमनप्रीत और ऋचा घोष के अर्धशतकों की बदौलत भारत ने 285 का स्कोर बनाया था और गेंदबाज़ी में गौड़ के पंजे की बदौलत भारत ने पहली पारी में 115 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी।

भारत ने अपनी इस बढ़त को व्यर्थ नहीं होने दिया और इंग्लैंड को मुक़ाबले में वापसी करने का एक भी मौक़ा नहीं दिया। क्रांति गौड़ को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।

Pic Credit : ANI

By Naya India

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