West Bengal Election 2021 : अमित शाह ने कहा कि BJP के सत्ता में आने के बाद गोरखा समस्या का होगा समाधान

दार्जिलिंग। पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव जारी है और चुनाव प्रचार (Election Campaign) का पूरा माहौल बना हुआ है केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने पश्चिम बंगाल में भाजपा (BJP) के सत्ता में आने पर लंबे समय से चली आ रही ‘गोरखा समस्या’ (Gorkha Problem) का राजनीतिक समाधान ढूंढने का आज आश्वासन दिया।… Continue reading West Bengal Election 2021 : अमित शाह ने कहा कि BJP के सत्ता में आने के बाद गोरखा समस्या का होगा समाधान

West Bengal Assembly Election: ममता के बाद भाजपा नेता राहुल सिन्हा पर चला चुनाव आयोग डंडा, लगाया 48 घंटे का बैन

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव जारी है और चुनाव आयोग (Election Commission) ने ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) के चुनाव प्रचार करने पर लगाई रोक लगाई थी और अब भाजपा नेता राहुल सिन्हा (BJP leader Rahul Sinha) की कथित टिप्पणी के लिए उनके चुनाव प्रचार (Election Campaign) करने पर आज 48 घंटे की… Continue reading West Bengal Assembly Election: ममता के बाद भाजपा नेता राहुल सिन्हा पर चला चुनाव आयोग डंडा, लगाया 48 घंटे का बैन

प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा को न जोड़े चुनाव से

प्रायः दो पड़ोसी देशों के बीच तनातनी, रिश्तों में उतार-चढ़ाव, आपसी हितों में टकराव आदि देखने को मिलता रहता है। परंतु तमाम राजनैतिक सीमाओं और मज़हबी दुराग्रहों के मध्य भी यदि दो देशों के नागरिकों की विरासत, दुःख-सुख-संघर्ष से लेकर शत्रु-मित्र की अनुभूतियाँ साझी हों तो भौगोलिक तल पर विलग होने के बावजूद सांस्कृतिक तल… Continue reading प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा को न जोड़े चुनाव से

चुनाव है भाई, लोकसभा को कौन पूछता है, प्रश्नकाल में मौजूद थे केवल एक सांसद

New Delhi: देश में चुनाव का सीजन चल रहा है. आने वाले कुछ दिनों में देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसके लिए सभी पार्टियों ने अपना पूरा जोर लगा दिया है. चुनाव प्रचार के लिए पार्टियां लोकसभा सांसदों को भी बजट तक के लिए भी नहीं छोड़ रही है. ऐसे में… Continue reading चुनाव है भाई, लोकसभा को कौन पूछता है, प्रश्नकाल में मौजूद थे केवल एक सांसद

बंगाल पर ही फोकस रहेगा मोदी का

औसतन हर चरण में 36-37 सीटों पर विधानसभा का चुनाव होना है। अगर हर चरण में प्रधानमंत्री की दो या उससे ज्यादा सभाएं होती हैं तो इसका मतलब है कि उनकी एक सभा से करीब 20 सीटें कवर की जाएंगी।

भाजपा की 2022 की तैयारी शुरू

भारतीय जनता पार्टी ने 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। अगले साल जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उनके साथ साथ पार्टी ने उसके अगले साल की तैयारी भी शुरू कर दी।

चुनाव नजदीक आते ही गगनचारी बन गये हैं योगी : अखिलेश

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव की घड़ी नजदीक आने के साथ सूबे के मुख्यमंत्री प्रदेश छोड़ कर गगनचारी बन गये है।

बिहार विस चुनाव की निगरानी के लिए आयोग ने नियुक्त किए दो ऑब्जर्वर

भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की निगरानी के लिए दो विशेष व्यय पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) नियुक्त किए हैं। भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) की 1982 बैच की

मध्य प्रदेश की राजनीति दिलचस्प हुई

पिछले कुछ समय से भारत की राजनीति ऐसी कई घटनाएं हो रही हैं, जो कुछ समय पहले तक अनहोनी मानी जाती थीं।

क्या बिहार में चुनाव टलेगा?

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की वजह से क्या बिहार में विधानसभा का चुनाव टल सकता है? वैसे बिहार में विधानसभा चुनाव में अभी देरी है। राज्य में चुनाव नवंबर में होने वाले हैं। पर चुनाव की प्रक्रिया अगस्त-सितंबर से शुरू हो जाती है।

ममता ने शुरू किया प्रचार

तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अगले साल मई में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू कर दिया है। राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा के तुरंत बाद ममता बनर्जी की पार्टी की ओर से राजधानी कोलकाता सहित दूसरे इलाकों में ममता बनर्जी के बड़े बड़े पोस्टर और होर्डिंग लगा दिए गए।

एनडीए, राजद का अभियान शुरू

बिहार में विधानसभा चुनाव साल के अंत में होने हैं। नवंबर में होने वाले चुनाव के लिए अभी से ही बिहार में प्रचार अभियान शुरू हो गया है। एक तरफ एनडीए ने अपना अभियान शुरू कर दिया है तो दूसरी ओर मुख्य विपक्षी पार्टी राजद का भी चुनाव अभियान चालू हो गया है।

जय लिट्टी चोखा, जय बिहार!

दिल्ली चुनाव निपटा नहीं और प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार चुनाव का बिगुल बजा दिया। पीएम मोदी द्वारा लिट्टी-चोखा खाने की तस्वीर पर बिहारी नेताओं ने मोदी के अंदाज पर ऐसी दीवानगी जताई मानो बिहार के लोग हुए धन्य।

नौ महीने का चुनाव प्रचार

बिहार में विधानसभा चुनाव नवंबर में होने हैं पर प्रचार अभी से शुरू हो गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर ने ‘बात बिहार की’ अभियान लांच किया है। उन्होंने गुरुवार को इसकी शुरुआत की और शुरू होने के चंद घंटों के अंदर ही इससे चार लाख से ज्यादा लोग जुड़ गए।

विपक्ष की बड़ी चुनौती

बिहार में चुनाव की असली चुनौती विपक्ष के सामने है। सत्तारूढ़ गठबंधन को सिर्फ एंटी इन्कंबैंसी की जवाब देना है, जिसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में यह भरोसा दिख रहा है कि वे अपनी सोशल इंजीनियरिंग से एंटी इन्कंबैंसी को मात दे देंगे।

सिसोदिया ने जानकारी छिपाई, चुनाव रद्द के लिए याचिका

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर विधानसभा चुनाव के लिए दायर शपथ पत्र में मुकदमे की जानकारी नहीं देने का आरोप लगाते हुए उनका चुनाव रद्द कराने के लिए राष्ट्रवादी पार्टी अध्यक्ष प्रताप चंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।

बिहार के लिए क्या योजना बना रहे हैं पीके?

राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर बिहार के लिए क्या योजना बना रहे हैं? इसे लेकर राष्ट्रीय स्तर पर उत्सुकता है। आखिर अगला चुनाव अब बिहार में लड़ा जाना है और वहां के नतीजों से अगले साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की पटकथा तय होगी।

बिहार चुनाव तक यही रवैया रहेगा

भड़काऊ भाषणों पर अमित शाह के बयान और जेपी नड्डा द्वारा गिरिराज सिंह को फटकार लगाने की दो घटनाओं का एक कारण बिहार चुनाव भी लग रहा है। भाजपा को दिल्ली में हुए नुकसान का तो अंदाजा हो ही गया है, अब उसे बिहार में नीतीश कुमार के साथ चुनाव लड़ना है। वहां किसी हाल… Continue reading बिहार चुनाव तक यही रवैया रहेगा

बिहार चुनाव के पहले फिर आरक्षण विवाद

एक बार फिर आरक्षण का विवाद शुरू हो गया है। इस बार अदालती आदेश से विवाद शुरू हुआ और कांग्रेस व भाजपा दोनों इस बात के लिए लड़ रहे हैं कि इस विवाद के लिए जिम्मेदार कौन है। भाजपा का आरोप है कि 2012 में जब उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार थी

राज्यों के लिए अकेले मोदी काफी नहीं

अब तो भाजपा ने विधानसभा का चुनाव भी नरेंद्र मोदी के नाम पर लड़ कर देख लिया पर नतीजा वहीं ढाक के तीन पात निकला। लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने तीन राज्यों का चुनाव वहां के मुख्यमंत्रियों के नाम पर लड़ा था और तीनों राज्यों में हारी थी।

दिल्ली का बड़ा फायदा नीतीश को

दिल्ली के चुनाव नतीजों से सबसे ज्यादा खुश और संतोष में कोई होगा तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे। भाजपा की सहयोगी जनता दल यू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की पार्टी पिछले कुछ समय से भाजपा पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत काम कर रही थी।

ईवीएम पर उठने वाले सवालों का क्या होगा

दिल्ली के चुनाव नतीजों के बाद सोशल मीडिया में भाजपा के समर्थक एक सवाल पूछे रहे हैं, जिसका जवाब निश्चित रूप से दिया जाना चाहिए। भाजपा समर्थक पूछ रहे हैं कि झारखंड और दिल्ली के चुनाव नतीजों के बाद क्या यह मान लिया जाना चाहिए

कांग्रेस के वोट गए भाजपा की ओर

दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टियों को मिले मत प्रतिशत का अंतिम आंकड़ा अभी नहीं आया है पर आखिरी आंकड़े के मुताबिक आम आदमी पार्टी को 54 फीसदी और भाजपा को 38 फीसदी वोट मिले हैं। दोनों के वोट प्रतिशत में 16 फीसदी का अंतर है।

भाजपा ने अपना नुकसान खुद किया!

एक्जिट पोल के नतीजे भले पूरी तरह से सही नहीं होते हैं पर उनसे नतीजों की दिशा का अनुमान लग जाता है। वह भी अगर सारे एक्जिट पोल एक जैसा अनुमान जता रहे हैं तो गलती की गुंजाइश बिल्कुल नहीं रह जाती है।

भाजपा और आप के दावे

भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी दोनों नतीजे आने तक जीत का दावा करेंगे। पर असल में भाजपा की लड़ाई दहाई की संख्या में पहुंचने की दिख रही है। एक्जिट पोल के अनुमान आप की जीत बता रहे हैं और मतदान के दिन सट्टा बाजार की खबरों के मुताबिक आप को 59-60 सीटें मिलने का अनुमान है।

भाजपा के जीते विधायकों का क्या होगा

दिल्ली के चुनाव में सबकी नजर इस बात पर है कि पिछली बार भाजपा के जो तीन विधायक जीते थे उनका क्या होगा? पिछली बार भाजपा विश्वास नगर, मुस्तफाबाद और रोहिणी सीट से जीती थी। ओपी शर्मा, जगदीश प्रधान और विजेंद्र गुप्ता को कामयाबी मिली थी।

सिद्धू ने प्रचार नहीं किया, आगे क्या?

पूर्व क्रिकेटर और पंजाब से कांग्रेस के विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ने दिल्ली में प्रचार नहीं किया। उनका नाम कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में था। कांग्रेस के नेताओं ने उनकी मांग भी की थी। पर वे किसी भी सीट पर प्रचार के लिए नहीं पहुंचे।

शाम 07:00 बजे तक दिल्ली में 57.87 फीसदी मतदाताओं ने डाले वोट

दिल्ली विधानसभा के चुनाव के लिए मतदान आज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। शाम सात बजे तक 57.87 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लिया था और अभी कई मतदान केन्द्रों पर मतदान जारी है।

भला ऐसे वोट कब मांगे गए?

दिल्ली चुनाव का प्रचार एक नई गिरावट का प्रतीक है। चुनाव ऐसे लड़ा जा रहा है, जैसे यह युद्ध हो, जिसमें एक तरफ एक खास पहचान वाले लोग हैं तो दूसरी ओर दूसरी पहचान वाले। एक तरफ देशभक्त हैं तो दूसरी ओर देशद्रोही। एक पार्टी कहे कि जो हमारी तरफ हैं वे देशभक्त हैं और जो हमारे विरोधी हैं, वे पाकिस्तान से मिले हुए हैं।

चुनाव को गृहयुद्ध बनाना!

किस देश में ऐसा है या हुआ है कि चुनाव गृहयुद्ध जैसे लड़ा जाए? लोकतंत्र को गृहयुद्ध का रूप मिले? देशभक्त बनाम देशद्रोही और हिंदू बनाम मुस्लिम में वह कन्वर्ट हो? ध्यान रहे गृहयुद्ध अपने ही घर में दो जमातों में आमने-सामने की लड़ाई है।