BRICS

  • ब्रिक्स मानों व्हाट्सएप समूह

    जब गोल्डमैन सैक्स ने 2001 में “ब्रिक्स (BRICs)” शब्द गढ़ा था, तब यह कोई ठोस संगठन नहीं था, बस, उभरती अर्थव्यवस्थाओं—ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन—के जमवाड़े का एक कल्पनाशील, आकर्षक संक्षिप्त नाम था। पर दुनिया ने उसे भविष्य की आर्थिक ताक़त के रूप में देखा। लेकिन 2009 तक आते-आते यह शब्द आर्थिकी, आँकड़ों की ताकत का नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक रंग लेने लगा। और जब इसमें दक्षिण अफ्रीका शामिल हुआ, तो ब्रिक्स (BRICS) एक वास्तविक मंच बन गया—पाँच अलग भूगोल, पाँच अलग आवाज़ें, पर एक साझा ख्याल कि एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था बने जो केवल पश्चिम के इर्द-गिर्द न घूमे।...

  • टैरिफ, ब्रिक्स और भारत

    भारत उन देशों में है, जिसने समझौते के लिए अति-उत्साह दिखाया, लेकिन समयसीमा आने तक वह व्यापार वार्ता को अंजाम तक नहीं पहुंचा सका। और अब ‘रूस और ब्रिक्स टैरिफ’ का साया उस पर मंडरा रहा है। तो अब भारत सरकार क्या करेगी? डॉनल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर के इतने अधिक आयाम हैं कि उनके प्रशासन से व्यापार समझौता करना किसी के लिए आसान नहीं है। दरअसल, उनके अधिकारियों ने आरंभ में ही यह साफ कर दिया कि मुद्दा सिर्फ आयात शुल्क का नहीं है। बल्कि आयात शुल्क को हथियार बना कर ट्रंप प्रशासन अंतरराष्ट्रीय व्यापार के पूरे सिस्टम को...

  • चीन के लिए ब्रिक्स+ की अब अहमियत नहीं?

    चीन कई मुद्राओं के सह-अस्तित्व और उनके बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देकर डॉलर का वर्चस्व तोड़ना चाहता है। चूंकि ब्रिक्स+ में इस पर या विश्व सुरक्षा व्यवस्था को नया रूप देने की सामूहिक इच्छाशक्ति अभी नहीं है, तो संभवतः चीन ने इसकी भूमिका पर पुनर्विचार किया है। संभव है कि शी जिनपिंग का रियो ना जाना इसका पहला ठोस संकेत हो। क्या चीन ने अपनी विश्व रणनीति में ब्रिक्स+ समूह की भूमिका का पुनर्मूल्यांकन किया है? या वह इस ग्रुप के भीतर अपनी भूमिका फिर से तय करने की प्रक्रिया में है? ये प्रश्न इस खबर के सार्वजनिक होने के...

  • कठिन मोड़ पर भारत

    लुटनिक ने कहा कि भारत ने रूस से हथियार खरीद कर अमेरिका को नाराज किया है। इसके अलावा वह ब्रिक्स का सदस्य है, जिसका मकसद डॉलर को चुनौती देना है। उन्होंने कहा- इन मामलों में भारत को राह बदलनी होगी। यह संकेत तो पहले से था कि डॉनल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर का मकसद सिर्फ आयात शुल्क में रियायतें पाना नहीं है। बल्कि इसके जरिए वे विश्व व्यापार और यहां तक कि भू-राजनीति को भी अमेरिकी हित में पुनर्गठित करना चाहते हैं। इसमें रहे-सहे संदेह को भी उनके वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने दूर कर दिया है। उन्होंने कूटनीतिक मर्यादाओं...

  • भारत की यह महत्त्वाकांक्षा

    भारत भले ब्रिक्स के मंच पर डॉलर से मुक्ति के अभियान में मुखर ना रहा हो, परंतु अपने स्तर इस दिशा में भरसक कोशिशें उसने की हैं। बात ज्यादा आगे नहीं बढ़ी है, तो वजह भारतीय अर्थव्यवस्था की अपनी कमजोरियां हैं। डोनल्ड ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि ब्रिक्स देश अपने कारोबार के भुगतान में डॉलर का इस्तेमाल घटाएंगे, तो अमेरिका उनसे होने वाले आयात पर 100 फीसदी शुल्क लगाएगा। राष्ट्रपति पद का शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने ये धमकी दोहराई। इस संदर्भ में पिछले हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से लिया गया एक फैसला महत्त्वपूर्ण...

  • उलटा ट्रंप कार्ड

    ट्रंप ने डॉलर के वर्चस्व को चुनौती देने पर ब्रिक्स देशों के उत्पादों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी है। संभवतः ऐसी घोषणाएं करते समय ट्रंप भूल जाते हैं कि नई भू-आर्थिकी के बीच वे जो कार्ड खेल रहे हैं, वो दोधारी है। अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि ब्रिक्स देशों ने अपने कारोबार को डॉलर से हटाने की कोशिश की, तो वे उन सबके यहां से अमेरिका होने वाले आयात पर 100 फीसदी सीमा शुल्क लगा देंगे। ब्रिक्स में कई ऐसे देश शामिल हैं, जो अमेरिका के घोषित मित्र हैं। मगर इससे...

  • कजान में टूटेंगी “तोते” की टांगें?

    रूस के शहर कजान में 22 से 24 अगस्त तक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है, यह चर्चा जोरों पर है कि वहां अपनी मुद्राओं में भुगतान की कोई ठोस व्यवस्था शुरू करने का निर्णय हो सकता है। जो सूचनाएं उपलब्ध हैं, उनके मुताबिक फिलहाल मकसद डॉलर में भुगतान के सिस्टम स्विफ्ट (Society for Worldwide Interbank Financial Telecommunication) का विकल्प तैयार करना है। तो क्या ब्रिक्स स्विफ्ट का विकल्प पेश करेगा? पंचतंत्र की उस कथा को याद कीजिए, जिसमें एक राक्षस के आतंक से एक राजा का पूरा राज्य तबाही झेल रहा था। राक्षस हर रोज एक व्यक्ति...

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