Budget

  • झारखंड सरकार ने पेश किया 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट

    झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का ‘अबुआ दिशोम बजट’ पेश किया। इसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार का समावेशी, सतत और जनकल्याणकारी विकास पर केंद्रित बजट बताया गया है।  वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य के गरीबों के आंसू पोंछने और हर नागरिक के चेहरे पर मुस्कान लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने इसे “अबुआ झारखंड” (अपना झारखंड) के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला दस्तावेज बताते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण...

  • राज्यसभा में बजट पर चर्चा

    नई दिल्ली। गुरुवार को राज्यसभा में बजट पर चर्चा हुई, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में कांग्रेस पर निशाना साधा और सरकार के वित्तीय अनुशासन की तारीफ की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुरुवार को राज्यसभा में मौजूद रहे। प्रधानमंत्री जब सदन में पहुंचे तो सदस्यों ने उनके नाम के नारे लगा कर उनका स्वागत किया। अपने भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार करदाताओं का पैसा जिम्मेदारी से खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र के पास ‘पैसों का कोई तालाब’ नहीं है। निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधाते हुए कहा, ‘2004-14 और 2014-25...

  • लोकसभा में बजट पर चर्चा शुरू

    नई दिल्ली। बजट सत्र में लोकसभा में दो फरवरी से चल रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हुआ। विपक्षी पार्टियों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया लेकिन साथ ही मंगलवार को भोजन अवकाश के बाद दो बजे से बजट पर चर्चा शुरू हो गई। कांग्रेस के शशि थरूर ने चर्चा की शुरुआत की। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी ने भी चर्चा में हिस्सा लिया। बताया गया है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को बजट पर बोलेंगे। मंगलवार को चर्चा की शुरुआत करते हुए शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर...

  • बजट दायरे से बाहर

    सालाना बजट आज महज वित्तीय विवरण, कर दरों में हेरफेर, खर्च के लक्ष्यों की घोषणा और जहां-तहां कुछ प्रोत्साहनों के एलान का दस्तावेज भर रह गया है। बुनियादी आर्थिक समस्याओं के हल की बात उसके दायरे से बाहर हो चुकी है। कांग्रेस की राय में केंद्रीय बजट अर्थव्यवस्था की बुनियादी चुनौतियों से आंख मिलाने में नाकाम रहा। दरअसल, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने तो यहां तक कहा कि वित्त मंत्री ने उन चुनौतियों को सिरे से नजरअंदाज कर दिया। मसलन, अमेरिकी टैरिफ से कारखाना उत्पादकों और निर्यातकों के सामने आई चुनौतियों, व्यापार घाटे, निम्न ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन, एफडीआई...

  • बजट के अगले दिन शेयर बाजार में सुधार

    मुंबई। बजट के दिन हुई दो फीसदी की भारी गिरावट के एक दिन बाद सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई के संवेदी सूचकांक में तेजी लौटी। दो फरवरी को 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 943 अंक चढ़ कर 81,666 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 262 अंक की तेजी रही। यह 25,088 के स्तर पर बंद हुआ। सोमवार को सूचकांक के 30 शेयरों में से 24 में तेजी रही। एक दिन पहले बजट के दिन 24 शेयरों में गिरावट रही थी। बताया जा रहा है कि बजट में सिक्योरिटीज पर ट्रांजेक्शन टैक्स यानी एसटीटी बढ़ा देने से...

  • बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं

    नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट बिना किसी बड़ी घोषणा वाला रहा। बजट की खास बात सिर्फ इतनी रही कि इसे रविवार को पेश किया गया, किसी वित्त मंत्री का लगातार रिकॉर्ड नौवां बजट रहा और बजट पढ़ने के लिए वित्त मंत्री नॉर्थ ब्लॉक की बजाय कर्तव्य भवन से निकल कर संसद पहुंची थीं। इस बार सबसे बड़ी बढ़ोतरी रक्षा बजट में हुई। ऑपरेशन सिंदूर के असर में इस बार रक्षा बजट में एक लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई। सरकार ने कुल 12.2 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत खर्च की घोषणा की है। सरकार स्वास्थ्य पर एक...

  • बजट का सीधा गणित

    केंद्रीय आमदनी में कॉरपोरेट टैक्स का हिस्सा 18 फीसदी ही रह गया है, जबकि आम लोगों का कर योगदान 46 फीसदी पहुंच गया है। यह प्रतिगामी सूरत है। बजट से साफ है कि इसमें सुधार का कोई प्रयास नहीं किया गया है। केंद्रीय बजट में 2026-27 में 53,47,315 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका 24 फीसदी हिस्सा कर्ज लेकर जुटाया जाएगा। बाकी रकम टैक्स और गैर कर स्रोतों से आएगी। सरकार जो खर्च करेगी, उसका 20 प्रतिशत हिस्सा पहले से मौजूद कर्ज का ब्याज चुकाने में जाएगा। 22 प्रतिशत हिस्सा उगाहे गए कर में राज्यों का हिस्सा देने,...

  • आज पेश होगा बजट

    नई दिल्ली। आज रविवार है लेकिन संसद की बैठक होगी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जो एक रिकॉर्ड है। आमतौर पर बजट को लेकर लोगों की दिलचस्पी पहले जैसी नहीं होती है क्योंकि सरकार बहुत से फैसले बजट से बाहर करती है। जैसे पिछले साल एक फरवरी को बजट पेश होने के बाद केंद्र सरकार ने कई बड़े नीतिगत और राजकोष पर असर डालने वाले फैसले किए। सरकार ने रोजगार गारंटी की मनरेगा की जगह नई योजना का बिल पास किया, जिससे केंद्र सरकार का बजटीय प्रावधान कम...

  • भारत रक्षा बजट में बढ़ोतरी करेगा

    नई दिल्ली। भारत सरकार रक्षा बजट में बढ़ोतरी कर सकती है। जानकार सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के बाद सरकार रक्षा बजट में 50 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी करने का फैसला कर सकती है। रक्षा बजट बढ़ोतरी पर सरकार का विचार बताया जा रहा है कि रक्षा मंत्रालय ने सरकार को फंड बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, जिसे संसद के अगले या उससे अगले सत्र में मंजूरी मिल सकती है। खबरों के मुताबिक बढ़ाए गए फंड से नए हथियार और गोला बारूद की खरीद होगी और तकनीकी दक्षता बढ़ाई जाएगी। इसे सेना की दूसरी जरूरतों खास कर रिसर्च और...

  • आज की आर्थिक नीतिः ‘कर्ज लो घी पियो’…!

    समूचे देश में इन दिनों “आर्थिक सीजन” चल रहा है, केन्द्र के साथ ही सभी राज्य सरकारें अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर चिंताग्रस्त है और इस संकट से निजात के रास्ते खोज रही है, हर साल बजट में दिन-दूनी-रात-चौगुनी वृद्धि हो रही है। (budget 2025) किंतु इसकी चिंता सरकार में विराजित राजनेताओं को नही बल्कि भारतवासियों को अधिक हो रही है, गंभीर आर्थिक संकट के बावजूद न राजनेताओं की मौजमस्ती में कमी दृष्टिगोचर हो रही है और न ही शासकीय वर्ग में, चिंताग्रस्त है तो सिर्फ देश-प्रदेश का आर्थिक बोझ सहन करने वाली बैचारी जनता, पर किया क्या जाए? हमारी...

  • मध्यप्रदेशः कुल बजट के बराबर ही कर्ज….?

    madhya pradesh budget : हमारे मालवा में बहुत पुराने जमाने से एक कहावत प्रचलित है- ‘‘घर भाड़े.... दूकान भाड़े.... छोरा-छोरी जलेबी झाड़े’’ आज यह कहावत आर्थिक संकट के दौर में हम पर याने हमारे प्रदेश पर लागू हो रही है। मध्यप्रदेश पर मौजूदा हालात में पहली बार चार लाख करोड़ से अधिक का कर्ज है और संयोग यह भी कि इतना ही हमारे राज्य का वार्षिक बजट है।(madhya pradesh budget) राज्य सरकार ने पिछले साल 3.65 लाख करोड़ का बजट पेश किया था और वर्तमान में प्रदेश सरकार पर 4.10 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज है, किंतु प्रदेश की...

  • बिहार में भी मिथिला पर फोकस

    bihar budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश किया तो उसमें बहुत बिहार, बिहार हुआ। यह अलग बात है कि बिहार को ठोस कुछ मिला नहीं है फिर भी जो मिला है वह मोटे तौर पर मिथिला के इलाके को मिला है। इसके दो स्पष्ट कारण हैं। पहला कारण तो संजय झा हैं। संजय झा जनता दल यू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं और दिल्ली में उनसे अच्छी नेटवर्किंग बिहार के किसी और नेता की नहीं है। पिछले दी महीने से कम समय में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उनके दो कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं।...

  • बिहार से किस बात का बैर है?

    budget 2025 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में नौ बार बिहार का नाम लिया। वित्त मंत्री ने बिहार की मिथिल पेंटिंग वाली साड़ी पहन कर बजट भाषण दिया। वित्त मंत्री ने बिहार को बजट में बहुत कुछ दिया। केंद्रीय गृह मंत्री ने सोशल मीडिया में अलग से पोस्ट किया कि बजट में बिहार को क्या क्या दिया गया है। बिहार के बारे में हुई घोषणाओं की मीडिया में अलग से कवरेज की गई। लेकिन सवाल है कि बिहार को सचमुच मिला क्या है? क्या सचमुच वहां कायाकल्प करने वाली कोई बड़ी घोषणा की गई है? कोई बहुत बड़ा...

  • चुनाव बाद पता चलेगा कि क्या मिला

    Budget 2025: भारत का मध्य वर्ग बम बम है। लग रहा है कि सरकार ने खुशियों की चाबी उसको सौंप दी है। आम बजट के अगले दिन सभी अखबार इस बात के रंगे पड़े हैं कि सरकार ने मध्य वर्ग को खुश कर दिया। एक महीने के भीतर यह दूसरा मौका है, जब केंद्र सरकार ने मध्य वर्ग को इस तरह की खुशियां दी हैं। पिछले दिनों सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। सरकार ने बताया कि एक जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाएंगी। यह घोषणा दिल्ली विधानसभा चुनाव की...

  • बुनियादी ढांचा व सामाजिक विकास में कटौती

    union budget 2025: केंद्र सरकार ने 12 लाख रुपए तक की आय को कर छूट देने की घोषणा की है, जिससे सरकार को हर साल एक लाख करोड़ रुपए का राजस्व कम होगा। इसके बावजूद सरकार ने ऐलान किया है कि वह वित्तीय घाटे को 4.4 फीसदी पर कंट्रोल करेगी। सवाल है कि राजस्व के नुकसान के बावजूद सरकार कहां से प्रबंधन करेगी कि वित्तीय घाटा नहीं बढ़े? क्या सरकार को कहीं और से अतिरिक्त राजस्व की उम्मीद है? इस बार बजट में अगले पांच साल में 10 लाख करोड़ रुपए की सरकारी संपत्ति बेचने का प्रावधान किया गया है।...

  • सरकार मदद नहीं कर्ज देगी

    modi government budget 2025: भारत सरकार ने देश के लोगों की मदद करने का एक अनोखा तरीका ईजाद किया है। वह तरीका है कर्ज देने का। सरकार जब खुश होती है तो कर्ज देने की सीमा बढ़ा देती। इसका ढिंढोरा पीटा जाता है कि सरकार इतने करोड़ रुपए का कर्ज बिना गारंटी के देगी। कोरोना महामारी के समय भी भारत सरकार ने यही किया था। दुनिया भर की सरकारें अपने नागरिकों के खाते में जब नकद पैसे पहुंचा रही थीं ताकि वे जरुरत की चीजें खरीद सकें और उन्हें नौकरी या रोजगार खत्म होने से परेशानी नहीं हो उस समय...

  • आज से संसद सत्र, कल पेश होगा बजट

    नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र शुक्रवार, 31 जनवरी से शुरू हो रहा। पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की साझा बैठक को संबोधित करेंगी। इसके अगले दिन यानी शनिवार को बजट पेश होगा। शनिवार को अवकाश के दिन भी संसद की कार्यवाही चलेगी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। संसद के बजट सत्र को लेकर गुरुवार को सर्वदलीय बैठक हुई। सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक संसद की एनेक्सी में हुई। बैठक में 36 पार्टोयों के 52 नेता शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक में सरकार ने विपक्षी पार्टियों...

  • अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क घटा सकता है भारत

    नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शुल्क बढ़ाने की चेतावनी के बाद भारत सरकार अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क घटाने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि भारत सरकार अमेरिका से आयात होने वाले महंगे उत्पादों पर आयात शुल्क कम कर सकती है। कहा जा रहा है कि स्टील, महंगी मोटरसाइकिल, इलेक्ट्रॉनिक आइटम आदि पर भारत सरकार शुल्क कम कर सकती है। गौरतलब है कि भारत अभी अमेरिका से 20 ऐसी चीजें आयात करता है, जिन पर एक सौ फीसदी से ज्यादा शुल्क लगता है। इन सरकार शुल्क घटा सकती है। माना जा रहा है कि...

  • बजट से विपक्ष चुनावों में आक्रामक

    यह लाख टके का सवाल है कि विपक्ष ने संसद में बिहार और आंध्र प्रदेश को कुछ अतिरिक्त मदद मिलने को इतना बड़ा मुद्दा क्यों बनाया? आखिर छह सात महीने पहले तक कांग्रेस और राजद भी बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग कर रहे थे या विशेष पैकेज देने की अपील कर रहे थे। सो, अगर बिहार को कुछ अतिरिक्त मिल गया तो अब अचानक उसका विरोध क्यों शुरू हो गया? आंध्र प्रदेश और ओडिशा के लिए भी इस तरह की मांग बरसों से हो रही है। यह भी हैरान करने वाली बात है कि केंद्र सरकार...

  • लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही दोबारा स्थगित

    नई दिल्ली। लोकसभा में आम बजट 2024-25 पर चर्चा के दौरान हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही आज दो बार स्थगित करनी पड़ी। एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्तापक्ष एवं विपक्ष के सांसदों को सदन में मर्यादित आचरण करने की नसीहत दी और कहा कि सभापति तालिका में सभी सदस्यों ने सदन की मर्यादा को बनाये रखने में योगदान दिया है। उन्होंने इसके बाद आम बजट पर चर्चा में भाग ले रहे कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी को बोलने के लिए अनुमति दी। इस...

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