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पीएम-नीतीश की मुलाकात पर परदा क्यों?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पक्ष-विपक्ष के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मिला तो उस बारे में केंद्र सरकार की ओर से कोई ब्योरा क्यों नहीं जारी किया गया

नीतीश-तेजस्वी की केमिस्ट्री असली चीज है

बिहार में इसी बात की ज्यादा चर्चा है कि दोनों के बीच सद्भाव दिखा और मुख्यमंत्री ने तेजस्वी की तारीफ करते हुए कहा कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल लेकर प्रधानमंत्री से मिलने का आइडिया उनका था।

अतीत गौरव में कैद

कोई राजनीति एक विकासक्रम के साथ आगे बढ़ती है। अगर नेतृत्व इसे समझते हुए अपने एजेंडे को विकसित नहीं करता, तो वो सियासत गतिरुद्ध हो जाती है।

ओबीसी वोट की चिंता में प्रादेशिक नेता

भाजपा ने प्रादेशिक पार्टियों के ओबीसी वोट बैंक में जबरदस्त सेंध लगाई है। नरेंद्र मोदी की कमान में भाजपा की पहली जीत यानी 2014 में ऐसा नहीं हुआ था।

भाजपा क्यों नहीं कराएगी जातियों की गिनती!

इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारतीय जनता पार्टी बहुत जोर-शोर से ओबीसी राजनीति कर रही है और उसको इसका फायदा भी मिल रहा है। लेकिन पार्टी जाति आधारित जनगणना नहीं कराएगी।

जाति जनगणना, मोदी से मिले बिहार के नेता

बिहार के 10 नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की।

जाति जनगणना के लिए मोदी से मिलेंगे बिहार के नेता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मिलने का समय दे दिया।

राज्य क्यों नहीं कराते जातियों की गिनती?

केंद्र सरकार जातियों की गिनती कराने को राजी नहीं है। सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है। कोरोना वायरस की महामारी की वजह से जनगणना अभी तक शुरू नहीं हुई है।

सबसे ज्यादा आबादी वाला देश चीन अपनी घटती जनसंख्या से है परेशान, अब 3 बच्चे पैदा करने की होगी अनुमति

चीन अपनी पुरानी नीति को समाप्त कर चुका है जिसमें सिर्फ 1 बच्चा पैदा करने की अनुमति दी गई थी….

जातिगत आधार पर जनगणना कराने की राज्यसभा में मांग

राज्यसभा में आज राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार झा और कांग्रेस की छाया वर्मा ने जातिगत आधार पर जनगणना कराने की मांग की ताकि लोगों की सामाजिक पृष्टभूमि का पता चल सके।

जातीय आधार पर होनी चाहिये जनगणना: अखिलेश

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि विकास प्रक्रिया को गति देने के जातीय आधार पर जनगणना होनी चाहिए। यादव ने बुधवार को कहा कि सपा सामाजिक सद्भाव के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सौहार्द के वातावरण में ही विकास हो सकता है। विकास प्रक्रिया को गति देने के लिए जातीय आधार पर जनगणना होनी चाहिए। समाज के सभी वर्ग के लोगों की उनकी संख्या के अनुकूल तब हिस्सेदारी तय हो सकेगी। इसमें हिंदू-मुस्लिम की कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय समाज के कमजोर वर्गो के हित में कई योजनाएं लागू की गई। किसान और गरीब को प्राथमिकता में रखकर उनको लाभ पहुंचाया गया। नौजवानों में निराशा और कुंठा न पनपे इसलिए उनको रोटी-रोजगार से जोड़ा गया। किसान आज कर्ज और मंहगाई से बदहाल है तो नौजवान बेरोजगारी की मार से संकटग्रस्त है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार अनियंत्रित है। यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में जनता के हितो की अनदेखी हो रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के तीन साल बीत चुके हैं एक भी जनकल्याण की योजना जमीन पर नहीं उतर पाई है। सपा के कामों को ही दुहराकर अथवा नए-नए नाम बदलकर ही भाजपा सरकार के… Continue reading जातीय आधार पर होनी चाहिये जनगणना: अखिलेश

जम्मू कश्मीर में जनगणना 2021 की शुरुआत एक जून से

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में जनगणना 2021 का पहला चरण एक जून 2020 से शुरू होगा। आधिकारिक प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी।

जातीय जन-गणनाः सोया भूत जगाया

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी विधानसभा में नागरिकता के संबंध में सर्वसम्मति से जो प्रस्ताव पारित करवाया, उसकी मैंने भरपूर तारीफ की थी लेकिन मुझे बड़ा अफसोस है कि इसी विधानसभा ने कल जनसंख्या-गणना के सवाल पर शीर्षासन कर दिया। उसके अनुसार बिहार की जन-गणना में अब जातिवार जन-गणना भी होगी। 2010 में मैंने जातीय जन-गणना के खिलाफ दिल्ली में आंदोलन चलाया था। इस आंदोलन में देश के कई दलों के नेता, पूर्व मंत्री, सांसद, बुद्धिजीवी, कलाकार और पत्रकार शामिल थे। मनमोहन सिंह की कांग्रेस सरकार ने अपनी भूल स्वीकार की और जातीय जन-गणना बीच में ही रुकवा दी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसमें विशेष रुचि ली थी। नरेंद्र मोदी उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे। वे हमसे सहमत थे। उन्होंने हमारा साथ दिया था। प्रधानमंत्री बनने पर उन्होंने, जातीय जन-गणना के आंकड़े जितने भी इकट्ठे हुए थे, उन्हें प्रकाशित नहीं होने दिया लेकिन नीतीश कुमार ने ऐसा तुरुप का पत्ता मारा है कि उसने भाजपा और कांग्रेस दोनों को चित कर दिया है। दोनों पार्टियों, बल्कि सभी पार्टियों ने बिहार विधानसभा में घुटने टेक दिए हैं।यह ठीक है कि बिहार जातिवाद का गढ़ है और वहां जाति की सीढ़ी पर चढ़े बिना चुनाव जीतना असंभव है लेकिन… Continue reading जातीय जन-गणनाः सोया भूत जगाया

जातीय आधार पर जनगणना कराने का प्रस्ताव पारित

बिहार विधानसभा ने आज सर्वसम्मति से 2021 में जातीय आधार पर जनगणना कराने का प्रस्ताव पारित किया।

जाति आधारित जनगणना को लेकर सपा का हंगामा

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को जाति आधारित जनगणना कराने की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया जिससे सदन

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