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आत्म-आलोचना की आवश्यकता

प्रधान न्यायाधीश एसए बोबड़े के रिटायर होने पर सोशल मीडिया में वायरल हुए एक कार्टून में ऊंची कूद के पैमाने (बार) को दिखाते हुए पिछले तीन प्रधान न्यायाधीशों को एक के बाद एक नीचे दिखाया गया। कमेंट में लिखा गया- लोवरिंग द बार- यानी मानदंड को नीचा करते हुए। बात सिर्फ कार्टून तक सीमित नहीं रही। देश के जाने-माने वकीलों और टीकाकारों ने अखबारों और वेबसाइटों पर लिखे अपने आलेखों में जस्टिस बोबड़े के कार्यकाल की आलोचना की। यहां तक कहा गया कि जस्टिस गोगोई के बाद अगर सोचा गया था कि न्यायपालिका में उससे ज्यादा गिरावट नहीं आ सकती, तो ये बात गलत साबित हुई। न्यायपालिका में ऐसी आलोचनाओं पर कोई गंभीर आत्म- आलोचना होगी, इसकी आज उम्मीद कम ही है। लेकिन अगर इस पर ध्यान दिया जाए, तो ये बात समझ में आएगी कि न्यायपालिका आज अपनी साख किस हद तक खो चुकी है। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक बात होती है। इसलिए कि लोकतंत्र में लोगों की आखिरी उम्मीद न्यायपालिका पर टिकी होती है। लेकिन अगर ये धारणा बनने लगे कि न्यायपालिका उम्मीदों की कसौटी पर खरी नहीं उतर रही है, तो फिर समाज में ऐसा गुबार जमने लगता है, जैसाकि कुछ प्रेशर कुकर में ताप… Continue reading आत्म-आलोचना की आवश्यकता

पूर्व सीजेआई गोगोई के खिलाफ दायर याचिका खारिज

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई के खिलाफ दाखिल याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया। इस याचिका में मांग की गई थी कि शीर्ष अदालत में सीजेआई श्री गोगोई के कार्यकाल के दौरान उनके कामकाज की इन-हाउस जांच हो। याचिका में इस मामले की जांच के लिए न्यायालय के तीन न्यायमूर्तियों का पैनल गठित करने की भी मांग की गयी थी। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस संबंध में अरूण रामचंद्र हुबलीकर की ओर से दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जस्टिस गोगोई रिटायर हो गए हैं और अब ये याचिका निष्प्रभावी हो चुकी है। इस पीठ में न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति कृष्णा मुरारी भी थे। पीठ ने कहा,“हम यह याचिका खारिज करते हैं। यह सुनवाई योग्य नहीं है। प्रतिवादी ने पहले ही अपना कार्यालय छोड़ दिया है। हुबलीकर ने खुद ही शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की थी तथा पूर्व सीजेआई गोगोई के कामकाज की जांच के लिए तीन जजों का पैनल गठित करने की मांग की थी। हुबलीकर ने पूर्व सीजेआई के कार्यकाल में उनके कामकाज को लेकर आरोप लगाए थे और इसे लेकर इन-हाउस जांच की मांग की थी। उन्होंने गोगोई के कार्यकाल… Continue reading पूर्व सीजेआई गोगोई के खिलाफ दायर याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी रूकी

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच मामलों की सुनवाई के लिए सर्वोच्च अदालत ने ऐतिहासिक पहल की। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। सर्वोच्च अदालत ने साथ ही कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए कोर्ट परिसर में सभी वकीलों के चेंबर अगले आदेश तक बंद रहेंगे। साथ ही अदालत में व्यक्तिगत पेशी पर अगले आदेश तक रोक रहेगी। अदालत ने कहा कि सिर्फ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जरूरी मामलों की सुनवाई होगी। इस बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट 28 मार्च तक नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, एनजीटी को 31 मार्च कर बंद कर दिया गया है। अलग अलग जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों के मामले में सर्वोच्च अदालत ने सभी राज्य सरकारों को विधि सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का आदेश दिया है। यह कमेटी विचार करेगी कि किन आरोपियों को परोल या जमानत पर छोड़ा जा सकता है। संक्रमण को देखते हुए एनजीटी ने 31 मार्च तक अपनी सारी सुनवाई टाल दी है। एनजीटी ने सोमवार को जारी एक सरकुलर में कहा कि एनजीटी और जोनल बेंच के सभी मामले 31 मार्च तक रोक दिए गए हैं। 23 से 31 मार्च के बीच होने वाली… Continue reading सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी रूकी

अमरिंदर ने उठाये राज्यसभा में गोगोई को मनोनीत किये जाने पर सवाल

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने देश के पूर्व प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई को राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किये जाने पर बृहस्पतिवार को सवाल उठाते हुए

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