रस्म-अदायगी की हद!
‘कॉप-30 इतिहास में सबसे घातक टॉक शो के रूप में याद रखा जाएगा, जहां कई दिन इस चर्चा में गुजार दिए गए कि चर्चा क्या करनी है। सरकारों की कोशिश थी कि किसी प्रकार की वचनबद्धता से बचा जाए।’ जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र का संबंधित पक्षों का सम्मेलन (कॉप) निरर्थकता की ऐसी हद पर पहुंच गया है, जहां जागरूक जनमत में इससे वितृष्णा पैदा होने लगी है। जिस लक्ष्य के प्रति विभिन्न देशों की सरकारें अपमान का भाव रखती दिख रही हों, उससे जुड़े पहलुओं पर उनकी बातें सुनना आज की एक बड़ी विडंबना है। ब्राजील के बेलेम में...