जोखिम भरा आमंत्रण
आपत्तियां अनेक हैं। कार्यक्षेत्र को गजा में स्थिरता लाने तक सीमित रखने के बजाय बोर्ड को व्यापक अधिकार संपन्न बना दिया गया। इस तरह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जो दायरा तय किया, बोर्ड उससे बहुत आगे जाता दिखता है। गजा शांति बोर्ड में शामिल होने के लिए मिले आमंत्रण पर निर्णय लेना भारत के लिए आसान नहीं होगा। बोर्ड से कई पेचीदगियां जुड़ी हैं। साथ ही इसमें अनेक जोखिम हैं। इसीलिए डॉनल्ड ट्रंप का कृपा पात्र बनने को आतुर कुछ शासकों के अलावा किसी बड़े देश ने इसको लेकर उत्साह नहीं दिखाया है। फ्रांस ने तो आमंत्रण को अस्वीकार...