Corona Effect :  रेलवे की यात्रियों से कमाई करीब 70 प्रतिशत घटी, माल ढुलाई से राहत

New Delhi: कोरोना वायरस के कारण  आम लोगों के साथ ही सरकारी तंत्र  भी काफी प्रभावित हुआ है. इनमें भी लॉकडाउन  (Lockdown) में एक लंबे समय तक बंद रहने वाली रेलवे (Railways) पर इसका खासा असर पड़ा है. रेलवे को कोविड-19 महामारी की वजह से चालू वित्तवर्ष ( financial year)  में यात्री भाड़े में 38,017 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ. हालांकि सदभावना ( Good faith) के तहत श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों ( special train) के चलाने से घाटे की कुछ क्षति पूर्ति भी हुई. वहीं माल ढुलाई के नये तरीकों को अपनाने से रेलवे का इस मद में राजस्व पिछले साल के मुकाबले बढ़ा है. रेलवे ने नियमित यात्री रेलगाड़ियों का परिचालन अबतक नहीं शुरू किया है लेकिन अब उसका ध्यान माल ढुलाई से आने वाले राजस्व को कायम रखने पर है. इसे भी पढ़ें- Corona Returns: महाराष्ट्र में यहां लगा संपूर्ण लॉकडाउन, राज्य सरकारें ले सकती है कई बड़े फैसले…. माल ढुलाई से बढ़ी आय रेलवे माल ढुलाई से होने वाली आय में 22 मार्च तक पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 1,868 करोड़ रुपये (करीब दो प्रतिशत) की वृद्धि करने में सफल रहा. ये आकड़ा भले ही 2 प्रतिशत है.  लेकिन इससे कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन की… Continue reading Corona Effect :  रेलवे की यात्रियों से कमाई करीब 70 प्रतिशत घटी, माल ढुलाई से राहत

भारतीय कृषि उत्पादों की बढ़ी मांग, अनाज निर्यात में जोरदार इजाफा

भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि के लिए कोराना की आपदा अब अवसर में बदल रही है। कृषि उत्पादन में इजाफा होने के साथ-साथ विदेश व्यापार में भी इसकी हिस्सेदारी बढ़ने से किसानों को उनकी फसलों का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद जगी है

असंतोष को जानबूझ कर आतंकवाद का रूप दिया गया: सोनिया

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर ‘राजनीतिक विरोधियों और सिविल सोसायटी के सदस्यों को निशाना बनाने’ को लेकर हमला किया है।

विकास दर -11.5 फीसदी रहेगी!

दुनिया की जानी-मानी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अपना अनुमान बदला है। अब उसने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर साढ़े 11 फीसदी तक गिरेगी।

लॉकडाउन गरीबों पर एक प्रहार था: राहुल गांधी

देश की खराब आर्थिक हालत पर हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि बिना किसी तैयारी के लॉकडाउन लगाने से भारतीय अर्थव्यवस्था को गहरा धक्का पहुंचा है

दिवालिया आर्थिकी, कब मानेंगे?

देशप्रेम, देशभक्ति का अर्थ है हम देश की चिंता करें। यदि देश की आर्थिकी दिवालिया हो रही है तो फिक्र करें या नहीं? क्या भक्त लोगों को भी सच्चाई समझते हुए सरकार पर दबाव नहीं बनाना चाहिए कि अब तो जागो।

आंकड़ों से अधिक अनुभव की सच्चाई

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दैवीय घटना के हवाले अपने को लाचार बताया। भारत सरकार यदि राज्यों को उनका पैसा नहीं दे सकती है तो क्या यह इस बात का प्रमाण नहीं है कि भारत की आर्थिकी कितनी खाली हो गई है।

ग्रेट डिप्रेशन जैसे हालात बन रहे हैं

कह सकते हैंअभी से ऐसा कहना जल्दबाजी होगी कि देश 1933 के ग्रेट डिप्रेशन यानी महान आर्थिक मंदी की तरफ बढ़ रहा है। पर हालात उसी तरफ इशारा कर रहे हैं। इस बार की मंदी 2008-11 वाली नहीं है।

बदलती परिस्थितियां भारतीय अर्थव्यवस्था के पक्ष में : दास

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने देश में हुए पांच बड़े बदलावों को उल्लेखित करते हुये आज कहा कि इन बदलावों को ‘संरचानत्मक परिवर्तन’ में बदले जाने की जरूरत है

भारत में 100 दिनों में खुदरा कारोबार को 15 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

कोरोनावायरस महामारी ने भारतीय अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है और देश के खुदरा कारोबार को पिछले 100 दिनों के दौरान लगभग 15.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

आरबीआई गवर्नर ने जताई चिंता

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के सामान्य स्थिति की तरफ लौटने के संकेत दिखने लगे हैं। लॉकडाउन के तहत लागू विभिन्न प्रतिबंधों में ढील दिये जाने के बाद गतिविधियां बढ़ी हैं।

अर्थव्यवस्था के विकास में गुणवत्ता की केंद्रीय भूमिका: पीयूष

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को पांच हजार अरब डॉलर का आकार देने में प्रौद्योगिकी और नवाचार के साथ-साथ गुणवत्ता की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

भारत की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में : एस एंड पी

एस एंड पी रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में है, और इसकी वृद्धि दर मौजूदा वित्त वर्ष में पांच प्रतिशत तक सिकुड़ सकती है। एस एंड पी ने

मूडीज की रिपोर्ट पर राहुल ने साधा मोदी पर निशाना

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार के कदमों पर अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज की टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए अर्थव्यवस्था के स्तर पर उन्हें पूरी तरह नाकाम बताया है।

आर्थिकी की बजाय नागरिकता पर बहस

राजनीतिक विमर्श कैसे भटक जाता है, इसे समझना हो तो आज के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक हालात को देख कर सहज ही समझा जा सकता है। सोमवार से संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें मंत्रालयों के हिसाब से बजट प्रावधानों पर चर्चा होगी और बजट पास कराया जाएगा। इससे ठीक पहले राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग, एनएसओ ने सकल घरेलू उत्पाद, जीडीपी के विकास दर का आंकड़ा जारी किया। पिछले हफ्ते जारी आंकड़े के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर 2019 में जीडीपी के विकास की दर 4.7 फीसदी रही थी। इससे पहले के वित्त वर्ष की इसी अवधि में जीडीपी की विकास दर 5.6 फीसदी रही थी। यानी लगभग एक फीसदी की कमी आई है। सरकार इस पर खुश हो सकती है कि जुलाई से सितंबर के बीच विकास दर 4.5 थी, जो बढ़ कर 4.7 फीसदी हो गई है। उधर सारी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर फैला है। चीन से शुरू होकर अब इसका संक्रमण 50 से ज्यादा देशों में पहुंच गया है। अमेरिका, ईरान, दक्षिण कोरिया, जापान जैसे अनेक देश इससे बचाव के उपाय करने में युद्धस्तर पर लगे हैं। इस उप महाद्वीप को भूराजनीतिक रूप से सबसे ज्यादा… Continue reading आर्थिकी की बजाय नागरिकता पर बहस

और लोड करें