इस्लाम का भय: भारत में सच और झूठ
लंदन की वैश्विक पत्रिका ‘द इकॉनोमिस्ट’ की इस सप्ताह की कवर स्टोरी लाजवाब है। मसला यूरोप का है, पर शीर्षक हो या संपादकीय और रिपोर्टें, पढ़ते हुए लगा मानो हिंदू बनाम इस्लाम की राजनीति, चिंता और भय का पोस्टमार्टम हो! ‘द इकॉनोमिस्ट’ का कवर शीर्षक है—‘The Truth and the Lies About Islam in Europe’। इसे यदि ‘The Truth and the Lies About Islam in India’ के चश्मे से जांचें तो मेरा मानना है कि इतिहास, सभ्यता और संदर्भ के फर्क अलग हैं, बहुत गहरे हैं। इसलिए क्योंकि यूरोप में मुसलमान हाल की एक-डेढ़ सदी की आप्रवासी आबादी हैं, वहीं भारत...