वित्त मंत्री सीतारमण ने लोकसभा में जवाब में कहा, बिटकॉइन को मुद्रा के रूप में मान्यता देने का कोई प्रस्ताव नहीं

विधेयक में अंतर्निहित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए कुछ निजी क्रिप्टोकरेंसी को छोड़कर सभी पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया गया है

आउट ऑफ पैटर्न पॉलिटिक्स

जिस तरह किसी भी परीक्षा का प्रश्न पत्र आउट ऑफ पैटर्न आ जाने पर परीक्षार्थी परेशान हो जाते हैं ऐसा ही कुछ दौर इस समय राजनीति में आया है।

चक्रव्यूह में अरुण… खतरा विरोधियों से ज्यादा अपनों से…!

मध्य प्रदेश में खंडवा लोकसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर अरुण यादव का दावा मजबूत नजर आ रहा है

क्षत्रपों के लिए राज्यों में मौका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में वह प्रयोग किया है, जिसकी भारत में कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसकी कुछ कुछ कुमारस्वामी कामराज की 1963 की योजना से तुलना की जा सकती है।

भगवंत मान का केजरीवाल पर दबाव

पंजाब से दूसरी बार लोकसभा सदस्य चुने गए भगवंत मान ने अपनी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर दबाव बढ़ा दिया है। मान चाहते हैं कि केजरीवाल उनको मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित करें।

लोकसभा उपाध्यक्ष का मामला हाई कोर्ट पहुंचा

सरकार कह सकती है कि संविधान में यह नहीं लिखा है कि सदन के गठन के कितने दिन के अंदर उपाध्यक्ष चुनना है। लेकिन कई चीजें संसदीय परंपरा से चलती हैं।

लोकसभा उपाध्यक्ष मामले में जवाब तलब

सत्रहवीं लोकसभा गठित हुए दो साल से ज्यादा हो गए लेकिन अभी तक लोकसभा के उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं हुआ है।

जम्मू-कश्मीर के बाहर के 2 व्यक्तियों ने 370 के बाद से संपत्ति खरीदी है: केंद्र

सरकार ने आज संसद में कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने और दो केंद्र शासित प्रदेशों को अलग कर दो साल में बाहर से केवल दो व्यक्तियों ने जम्मू-कश्मीर में संपत्ति खरीदी है।

संसद की प्रासंगिकता का सवाल

संसद की गरिमा इस बात में है कि इसकी नियमित बैठकें हों, बैठकों में सदन के नेता और नेता विपक्ष दोनों ज्यादा से ज्यादा समय मौजूद रहें, विधायी मसलों पर ज्यादा चर्चा हो और आम सहमति बनाने का प्रयास हो

उत्तरप्रदेश में बदलने जा रहा इस रेलवे स्टेशन का नाम, जानें क्या तय हुआ नाम और कब तक बदला जाएगा..

योगी सरकार ने झांसी रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन करने का प्रस्ताव दिया है। इस बाद की जानकारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में दी।

543 से 888 नहीं, 148 कर देने का वक़्त

अगर कोई राज्यों में विधायकों की संख्या बढ़ाने की बात करे तो समझ में भी आए। सांसदों की संख्या बढ़ाने की बात से मुझे या तो मूर्खता की गंध आती है या फिर किसी साज़िश की बू।

नागरिकता कानून में देरी होगी, डेढ़ साल भी गृह मंत्रालय इसे लागू करने का नियम नहीं बना सका

दिसंबर 2019 में संसद के दोनों सदनों से पास हुए नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए के लागू होने में अभी और देरी होगी। कानून बनने के डेढ़ साल भी केंद्रीय गृह मंत्रालय इसे लागू करने का नियम नहीं बना सका है

बढ़ते पेट्रोल-़डीजल की  कीमतों पर संसद में बोले पेट्रोलियम मंत्री- उत्पाद शुल्क लगाकर दे रहे हैं गरीबों को मुफ्त राशन और वैक्सीन

जवाब देते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इन पर लगाये गये केंद्रीय उत्पाद शुल्क तथा उपकरों के पैसों से सरकार नागरिकों को मुफ्त में कोविड-19 का टीका और गरीबों को नि:शुल्क राशन दे रही है

संसद में देववाणी, मन की बात!

modi man ki baat : आंकड़े बोलते हुए हैं। मैं अपनी तरफ से कुछ नहीं जोड़ रहा हूं। पिछले सात सालों में मोदी राज में खूब कानून बने। लेकिन कितनों पर संसदीय, सेलेक्ट कमेटी में विचार हुआ? कितनों पर संसद में लंबी लाइव बहस हुई? कितनी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण हुए? अक्टूबर 2020 में छपी एक रिपोर्ट का आंकड़ा है कि छह सालों में प्रधानमंत्री मोदी 22 दफा बोले। इतना कम दो साल प्रधानमंत्री रहने वाले एचड़ी देवगौड़ा का आंक़ड़ा है। ठीक विपरीत छह वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 77 दफा बोले। जिन डॉ. मनमोहन सिंह को नरेंद्र मोदी ने सन् 2012 में मौनमोहन सिंह कहा था उन्होंने दस साल के अपने कार्यकाल में 48 दफा बोला। यह आश्चर्य की बात हो सकती है क्योंकि इतने भाषण देने वाले नरेंद्र मोदी संसद में क्यों इतना कम बोलते हुए? इसलिए कि संसद में बोलना टोका-टोकी, बहसबाजी के बीच होता है। विषय विशेष पर सच बोलना या बताना होता है? जनसभा में भाषण, रेडियो-टीवी पर ‘मन की बात’ या संबोधन में क्योंकि बस बोलना और सुनाना है तो वह एकतरफा संवाद हुआ। भाषण किया, हेडलाइन बन गई और बात खत्म। लेकिन संसद में बोलना जी का जंजाल… Continue reading संसद में देववाणी, मन की बात!

अधीर रंजन का क्या करेगी कांग्रेस?

यह लाख टके का सवाल है कि पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी का क्या होगा? विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बुरी तरह से हारने के बाद से ही उनके ऊपर तलवार लटकी है। लेकिन माना जा रहा था कि वे प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ देंगे और लोकसभा में नेता बने रहेंगे। अब कहा जा रहा है कांग्रेस आलाकमान ने उनको नेता पद से हटाने का फैसला किया है। उनकी जगह शशि थरूर या मनीष तिवारी को लोकसभा में पार्टी का नेता बनाया जा सकता है। कांग्रेस के जानकार सूत्रों का कहना है कि ममता बनर्जी को खुश करने के लिए कांग्रेस यह कदम उठा रही है। सवाल है कि अगर लोकसभा के नेता पद से हटने के बाद अधीर रंजन चौधरी बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहेंगे तो ममता कैसे खुश होंगी? अगर कांग्रेस अगले लोकसभा के हिसाब से तैयारी कर रही है और यह मान रही है कि उस समय समूचा विपक्ष एक होकर लड़ेगा और बंगाल में उसे ममता के साथ तालमेल करना होगा तब अधीर रंजन की प्रदेश में क्या भूमिका होगा? सबको पता है कि वे और ममता बनर्जी एक-दूसरे को बिल्कुल पसंद नहीं करते हैं।… Continue reading अधीर रंजन का क्या करेगी कांग्रेस?

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